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Baghpat News: ओलंपियन समेत 228 किसानों की 1500 बीघा जमीन कटान से यमुना में समा गई
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। ओलंपियन पहलवान सुभाष तोमर समेत 228 किसानों की जमीन कटान होने के कारण यमुना में समा गई। इससे किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया। यमुना में कटान होने से जागोस, शबगा और ककौरकलां समेत अन्य किसानों की 1500 बीघा जमीन यमुना में जाने से किसान पूरी तरह बर्बाद हो गए। अब उनके सामने भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। पहाड़ाेें पर बारिश लगातार होने के कारण यमुना नदी में बाढ़ आ गई थी। दो सप्ताह से अधिक समय तक यमुना नदी में बाढ़ के हालात बने रहे और यमुना किनारे आसपास के गांवों में भी यमुना का पानी पहुंच गया था। इस दौरान यमुना किनारे खेती की जमीन में बड़े स्तर पर मिट्टी का कटान हुआ।
इसमें सबसे ज्यादा नुकसान जागोस, ककौरकलां, शबगा गांव में हुआ, जहां 228 किसानों की 1500 बीघा से अधिक खेती की जमीन यमुना नदी में समा गई। इसमें 32 बीघा जमीन ओलंपियन पहलवान सुभाष तोमर की भी शामिल है।
पहलवान सुभाष तोमर ने बताया कि उन्होंने करीब पांच साल पहले जागोस गांव में 32 बीघा जमीन खरीदी थी। बाढ़ के दौरान कटान होने से उनकी सारी जमीन यमुना में समा गई। nकिनारों पर दलदल, किसानों को रोक रहे अधिकारी : यमुना में बाढ़ आने के बाद अब स्थिति सामान्य होती जा रही है। ऐसे में किनारों पर दलदल बन गई है और बाढ़ चौकियों पर तैनात अधिकारी किसानों को यमुना किनारे जाने से रोक रहे है, जिससे किसानों के साथ कोई हादसा न हो सके।
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बागपत। ओलंपियन पहलवान सुभाष तोमर समेत 228 किसानों की जमीन कटान होने के कारण यमुना में समा गई। इससे किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया। यमुना में कटान होने से जागोस, शबगा और ककौरकलां समेत अन्य किसानों की 1500 बीघा जमीन यमुना में जाने से किसान पूरी तरह बर्बाद हो गए। अब उनके सामने भविष्य का संकट खड़ा हो गया है। पहाड़ाेें पर बारिश लगातार होने के कारण यमुना नदी में बाढ़ आ गई थी। दो सप्ताह से अधिक समय तक यमुना नदी में बाढ़ के हालात बने रहे और यमुना किनारे आसपास के गांवों में भी यमुना का पानी पहुंच गया था। इस दौरान यमुना किनारे खेती की जमीन में बड़े स्तर पर मिट्टी का कटान हुआ।
इसमें सबसे ज्यादा नुकसान जागोस, ककौरकलां, शबगा गांव में हुआ, जहां 228 किसानों की 1500 बीघा से अधिक खेती की जमीन यमुना नदी में समा गई। इसमें 32 बीघा जमीन ओलंपियन पहलवान सुभाष तोमर की भी शामिल है।
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पहलवान सुभाष तोमर ने बताया कि उन्होंने करीब पांच साल पहले जागोस गांव में 32 बीघा जमीन खरीदी थी। बाढ़ के दौरान कटान होने से उनकी सारी जमीन यमुना में समा गई। nकिनारों पर दलदल, किसानों को रोक रहे अधिकारी : यमुना में बाढ़ आने के बाद अब स्थिति सामान्य होती जा रही है। ऐसे में किनारों पर दलदल बन गई है और बाढ़ चौकियों पर तैनात अधिकारी किसानों को यमुना किनारे जाने से रोक रहे है, जिससे किसानों के साथ कोई हादसा न हो सके।
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