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बजट जारी होने के बाद भी पांच गांवों में नहीं बनाए शौचालय
Updated Wed, 02 Aug 2017 12:38 AM IST
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बजट जारी फिर भी पांच गांवों में नहीं बनाए शौचालय
बागपत। बजट जारी होने के बाद भी बड़ौत ब्लॉक के पांच गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) नहीं बनाया गया है। खंड विकास अधिकारी द्वारा कई बार वीडीओ चेतावनी दी की जा चुकी है। उसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत कर भ्रमित किया जाता है। सीडीओ ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिले को ओडीएफ बनाने के लिए चयन हुआ था। अनुदान पर लोगों के घरों में शौचालय बनाने के लिए बजट जारी किया गया। यह ही नहीं जिले को 31 दिसंबर तक खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए निर्देशित किया गया है। लेकिन, ओडीएफ के लिए प्रशासन का प्लान फाइलों में ही सिमट कर रह गया है। प्रत्येक महीने शौचालय बनाने का प्लान बनाया गया है, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। बड़ौत ब्लॉक के ऐसे पांच गांव हैं जहां पर शौचालय के बजट जारी हुआ, लेकिन धरातल पर निर्माण नहीं हुआ। जागौस गांव में 18 शौचालय, चौबली में आठ, गुराना सभाखेड़ी 40, जौहड़ी में 80, आसिफपुर खड़खड़ी गांव में 40 शौचालय का निर्माण होना था। लेकिन, यहां निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सकता है। इन गांवों के लोग खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। खंड विकास अधिकारी ने रिपोर्ट मांगी तो गलत रिपोर्ट भेज दी गई। सीडीओ चांदनी सिंह ने नाराजगी जाहिर की। शौचालय का कार्य पूरा न करने पर संबंधित वीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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बागपत। बजट जारी होने के बाद भी बड़ौत ब्लॉक के पांच गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) नहीं बनाया गया है। खंड विकास अधिकारी द्वारा कई बार वीडीओ चेतावनी दी की जा चुकी है। उसके बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत कर भ्रमित किया जाता है। सीडीओ ने मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिले को ओडीएफ बनाने के लिए चयन हुआ था। अनुदान पर लोगों के घरों में शौचालय बनाने के लिए बजट जारी किया गया। यह ही नहीं जिले को 31 दिसंबर तक खुले में शौच मुक्त बनाने के लिए निर्देशित किया गया है। लेकिन, ओडीएफ के लिए प्रशासन का प्लान फाइलों में ही सिमट कर रह गया है। प्रत्येक महीने शौचालय बनाने का प्लान बनाया गया है, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। बड़ौत ब्लॉक के ऐसे पांच गांव हैं जहां पर शौचालय के बजट जारी हुआ, लेकिन धरातल पर निर्माण नहीं हुआ। जागौस गांव में 18 शौचालय, चौबली में आठ, गुराना सभाखेड़ी 40, जौहड़ी में 80, आसिफपुर खड़खड़ी गांव में 40 शौचालय का निर्माण होना था। लेकिन, यहां निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सकता है। इन गांवों के लोग खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। खंड विकास अधिकारी ने रिपोर्ट मांगी तो गलत रिपोर्ट भेज दी गई। सीडीओ चांदनी सिंह ने नाराजगी जाहिर की। शौचालय का कार्य पूरा न करने पर संबंधित वीडीओ के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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