{"_id":"59b597594f1c1be57f8b5bd7","slug":"121505072985-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाप का होता है भयंकर परिणाम भी -अरूण मुनि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाप का होता है भयंकर परिणाम भी -अरूण मुनि
Updated Mon, 11 Sep 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बड़ौत (बागपत)।
जैन संत अरुण मुनि ने कहा पाप भयंकर होता है, इसका परिणाम भी भयंकर होता है।
रविवार को जैन स्थानकवासी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में आयोजित धर्मसभा में जैन संत ने कहा जैन का मतलब क्या है, जो पाप से डरें और पाप कर्म न करें। वह ही जैन होता है जो पाप मजबूरी में किया जाते हैं। एक जैन कोई जाति नहीं, न कोई धर्म है। पाप से डरने वाला जब जैनत्व में आ जाता है तो धर्म उसके अंदर स्वमं ही आ जाता हैै। एक ईट पत्थर से दीवार, मीनार बन सकती है। ऐसे ही पाप कर्म से नरक और पुण्य कर्म से स्वर्ग बनता है। एक एक ईट एकत्र होने से बड़ा नरक बनता है। हमारे आगम कहते हैं पाप का यदि विश्लेषण किया जाए तो पता लगता है अधिकतर पाप मानसिक होते हैं, पाप को छोड़ना ही धर्म होता है, जब मन से पाप निकलेगा तो धर्म के लिए जगह स्वयं ही बन जाएगी। उन्होंने कहा कमीज दीवार, तथा चेहरे के धब्बे तो धोए जा सके हैं, मगर मन पर नहीं। जो दाग लग जाता है, उसका दूर होना मुश्किल है। अपने मन में यह संकल करना होगा कि किसी भी क्लेश को मैं ओर नहीं शुरू नहीं करूंगा। उन्होंने कहा लक्ष्मण रेखा को जिसने भी पार किया, उसने दुख उठाएं हैं। इसे पूर्व अमन मुनि ने कहा शुद्ध भोजन खाने से विचार भी शुद्ध होते हैं। तासमिक भोजन से विचार मेले ही होंगे।
हिंसा को दूर किया था
बड़ौत। विहर्ष सभागार में आयोजित धमसभा में सुंदर सागर महाराज ने कहा भगवान महावीर ने अहिंसा का नारा देकर हिंसा को दूर किया था। हमें उनके शासन मेें धर्म सुनने और जानने का सौभाग्य मिला है। मंगल आरती का आयोजन किया । सभा में मदनलाल जैन, प्रमोद जैन, अशोक, वरदान जैन, शशि आदि ल रहे।
बावली में भव्य झांकियां निकालीं
बड़ौत। बावली गांव में जैन महोत्सव के अवसर पर रथयात्रा के साथ जैन मिलन शिशु सदन जूनियर हाईस्कूल बावली की ओर से भव्य झांकियां बिनकाली गई। इसमें प्रधानाचार्य आजाद सिंह, हरवीर सिंह, विनोद शर्मा, अंकित जैन, अलका जैन, प्रदीप प्रबंधक, सतेंद्र जैन, नरेंद्र जैन, मोहिनी जैन आदि का सहयोग रहा।
जैन संत अरुण मुनि ने कहा पाप भयंकर होता है, इसका परिणाम भी भयंकर होता है।
रविवार को जैन स्थानकवासी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में आयोजित धर्मसभा में जैन संत ने कहा जैन का मतलब क्या है, जो पाप से डरें और पाप कर्म न करें। वह ही जैन होता है जो पाप मजबूरी में किया जाते हैं। एक जैन कोई जाति नहीं, न कोई धर्म है। पाप से डरने वाला जब जैनत्व में आ जाता है तो धर्म उसके अंदर स्वमं ही आ जाता हैै। एक ईट पत्थर से दीवार, मीनार बन सकती है। ऐसे ही पाप कर्म से नरक और पुण्य कर्म से स्वर्ग बनता है। एक एक ईट एकत्र होने से बड़ा नरक बनता है। हमारे आगम कहते हैं पाप का यदि विश्लेषण किया जाए तो पता लगता है अधिकतर पाप मानसिक होते हैं, पाप को छोड़ना ही धर्म होता है, जब मन से पाप निकलेगा तो धर्म के लिए जगह स्वयं ही बन जाएगी। उन्होंने कहा कमीज दीवार, तथा चेहरे के धब्बे तो धोए जा सके हैं, मगर मन पर नहीं। जो दाग लग जाता है, उसका दूर होना मुश्किल है। अपने मन में यह संकल करना होगा कि किसी भी क्लेश को मैं ओर नहीं शुरू नहीं करूंगा। उन्होंने कहा लक्ष्मण रेखा को जिसने भी पार किया, उसने दुख उठाएं हैं। इसे पूर्व अमन मुनि ने कहा शुद्ध भोजन खाने से विचार भी शुद्ध होते हैं। तासमिक भोजन से विचार मेले ही होंगे।
हिंसा को दूर किया था
बड़ौत। विहर्ष सभागार में आयोजित धमसभा में सुंदर सागर महाराज ने कहा भगवान महावीर ने अहिंसा का नारा देकर हिंसा को दूर किया था। हमें उनके शासन मेें धर्म सुनने और जानने का सौभाग्य मिला है। मंगल आरती का आयोजन किया । सभा में मदनलाल जैन, प्रमोद जैन, अशोक, वरदान जैन, शशि आदि ल रहे।
विज्ञापन
बावली में भव्य झांकियां निकालीं
बड़ौत। बावली गांव में जैन महोत्सव के अवसर पर रथयात्रा के साथ जैन मिलन शिशु सदन जूनियर हाईस्कूल बावली की ओर से भव्य झांकियां बिनकाली गई। इसमें प्रधानाचार्य आजाद सिंह, हरवीर सिंह, विनोद शर्मा, अंकित जैन, अलका जैन, प्रदीप प्रबंधक, सतेंद्र जैन, नरेंद्र जैन, मोहिनी जैन आदि का सहयोग रहा।
विज्ञापन