{"_id":"59c6baca4f1c1b2a688b61e7","slug":"11506196170-baghpat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधान के तीसरें दिन श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा अर्चना की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधान के तीसरें दिन श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा अर्चना की
Updated Sun, 24 Sep 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़ौत (बागपत)।
अजित नाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी ने आचार्य सुंदर सागर महाराज के सानिध्य में चल रहे 11 दिवसीय कल्पद्रुम महामंडल विधान के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा की। इस दौरान 192 अर्ध्य समर्पित किए।
चक्रवर्ती गौरव जैन, सौधर्म इंद्र अशोक जैन, कुबेर विरेंद्र जैन और यज्ञ नायक देवेंद्र जैन के नेतृत्व में इंद्र-इंद्राणियों ने कल्पद्रुम विधान का पाठ किया। विधानाचार्य डॉ. रीता दीदी और विक्की के निर्देशन में भक्ति भाव से श्रद्धालुओं ने श्रीजी का अभिषेक और पूजन किया। विधान में कल्पवृक्ष, भूमि पूजा, सातवीं भवन भूमि पूजा की और मंडल पर 192 अर्घ्य समर्पित किए। संगीतकार विजय रंगीला के मधुर भजनों पर इंद्र-इंद्राणियों ने डांडिया नृत्य भी किया। इस मौके पर आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा आज व्यक्ति पैसा कमाने के लिए बहुत भागदौड़ कर रहा है। अपराध करने से भी वह नहीं चूकता। वह यह नहीं सोचता कि बुरे कर्मों का हिसाब तो चुकाना ही पड़ेगा चाहे इस जन्म में चुकाए या अगले जन्म में चुकाए। बुरे कर्मों से बचों, तभी तुम्हारा मानव जीवन सार्थक होगा। इस अवसर पर अनुमान सागर महाराज ने भी विचार रखे। विधान में प्रमोद जैन, मदनलाल जैन, वरदान जैन, मुकेश जैन, शरद जैन, विवेक जैन, बालकिशन, संदीप जैन, अभय जैन, संजय जैन आदि रहे। रात्रि में गुरू भक्ति और जिनेंद्र भगवान की आरती हुई।
विज्ञापन
अजित नाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी ने आचार्य सुंदर सागर महाराज के सानिध्य में चल रहे 11 दिवसीय कल्पद्रुम महामंडल विधान के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा की। इस दौरान 192 अर्ध्य समर्पित किए।
चक्रवर्ती गौरव जैन, सौधर्म इंद्र अशोक जैन, कुबेर विरेंद्र जैन और यज्ञ नायक देवेंद्र जैन के नेतृत्व में इंद्र-इंद्राणियों ने कल्पद्रुम विधान का पाठ किया। विधानाचार्य डॉ. रीता दीदी और विक्की के निर्देशन में भक्ति भाव से श्रद्धालुओं ने श्रीजी का अभिषेक और पूजन किया। विधान में कल्पवृक्ष, भूमि पूजा, सातवीं भवन भूमि पूजा की और मंडल पर 192 अर्घ्य समर्पित किए। संगीतकार विजय रंगीला के मधुर भजनों पर इंद्र-इंद्राणियों ने डांडिया नृत्य भी किया। इस मौके पर आचार्य सुंदर सागर महाराज ने कहा आज व्यक्ति पैसा कमाने के लिए बहुत भागदौड़ कर रहा है। अपराध करने से भी वह नहीं चूकता। वह यह नहीं सोचता कि बुरे कर्मों का हिसाब तो चुकाना ही पड़ेगा चाहे इस जन्म में चुकाए या अगले जन्म में चुकाए। बुरे कर्मों से बचों, तभी तुम्हारा मानव जीवन सार्थक होगा। इस अवसर पर अनुमान सागर महाराज ने भी विचार रखे। विधान में प्रमोद जैन, मदनलाल जैन, वरदान जैन, मुकेश जैन, शरद जैन, विवेक जैन, बालकिशन, संदीप जैन, अभय जैन, संजय जैन आदि रहे। रात्रि में गुरू भक्ति और जिनेंद्र भगवान की आरती हुई।
विज्ञापन