लाटघाट। रौनापार थाना क्षेत्र के खरैलिया ढाला भूमि पर कब्जे को लेकर हुए विवाद मामले को लेकर महिलाओं ने बीज प्रमाणिकरण बोर्ड की चेयरमैन रेखा वर्मा के समक्ष मुखर हो गई। महिलाओं ने दोषी एसओ रौनापार व सीओ सगड़ी पर तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जल्द फर्जी गिरफ्तार किए गए लोग रिहा नहीं किए गए और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतर कर प्रदर्शन को बाध्य होंगी।
शुक्रवार को महुला गढ़वल बांध पर खरैलिया ढाला पर अपना दल एस जिलाध्यक्ष विजय पटेल की अध्यक्षता में सभा का आयोजन हुआ। इसमें भाग लेने के लिए मुख्य अतिथि के रुप में बीज प्रमाणिकरण बोर्ड की चेयरमैन रेखा वर्मा आई हुई थीं। इस सभा के दौरान बीते सात मार्च को ओम प्रकाश वर्मा व श्याम जी पटेल के बीच हुए भूमि विवाद व पुलिस की कार्रवाई के बाबत महिलाओं ने शिकायत की। महिलाओं ने कहा कि भूमि विवाद के मामले में पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए पांच महिलाओं व पांच पुरुषों की जम कर पिटाई किया और फर्जी मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भी भेज दिया। रेखा वर्मा ने कहा कि वे पीड़ित परिवार के साथ हैं और राष्ट्रीय अध्यक्षा अनुप्रिया पटेल के निर्देश पर यहां आई है। पीड़ित परिवार की फतिया देवी, सुनीता पटेल, लल्लन पटेल आदि ने अपनी पीड़ा को उनके समक्ष व्यक्त किया। पीड़ितों का कहना था कि 2009 में घाघरा नदी की कटान में वे विस्तापित हुए है और अपनी ही जमीन पर कब्जा लेने के लिए पुलिस की लाठी खानी पड़ रही है। फर्जी मुकदमा दर्ज कर एसओ व सीओ उन्हें जेल भेज रहे है। रेखा शर्मा ने कहा कि किसी का भी उत्पीड़न नहीं होगा। विवाद का सही निपटरा तीन दिन के अंदर नहीं होता है तो वे स्वयं महिलाओं के साथ सड़क पर उतरेंगी। सभा को राम प्रसाद पटेल, विनोद निषाद, दुर्गा शुक्ला, महेंद्र शर्मा, रामधन पटेल आदि ने भी संबोधित किया। श्याम विजय पटेल ने कहा कि रौनापार पुलिस ने इस घटना में नंगा नाच किया है। महिलाओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया है।