आजमगढ़: फर्जी सॉफ्टवेयर के जरिए निकाल रहा था ई-टिकट, यात्रियों से वसूलता मनमानी रकम, गिरफ्तार
आईआरसीटीसी की साइट पर फर्जी आईडी बनाकर जरूरतमंद यात्रियों के लिए ई-टिकट निकालता था। कंफर्म टिकट देने के लिए उनसे मुंहमांगी रकम लेता था।
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आजमगढ़ जिले में सीआईबी वाराणसी और आरपीएफ आजमगढ़ की टीम ने सोमवार को छापेमारी कर एक और फर्जी सॉफ्टवेयर के माध्यम से ई-टिकट निकालने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया। कप्तानगंज थाना क्षेत्र में दुकान पर पुलिस ने छापेमारी की। दुकान संचालक द्वारा आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर फर्जी यूजर आईडी बना कर अवैध रूप से सामान्य व तत्काल ई-टिकट निकाले जा रहे थे। आरोपी के पास से कुल आठ ई-टिकट भी बरामद हुए हैं।
सीआईबी वाराणसी के अभय कुमार राय व आरपीएफ थाना प्रभारी रमेश चंद्र मीना ने बताया कि सूचना के आधार पर कप्तानगंज के मोलनापुर स्थित जनसेवा केंद्र पर सोमवार को छापेमारी की कार्रवाई की गई। जांच पड़ताल में यहां फर्जी सॉफ्टवेयर के माध्यम से आईआरसीटीसी की वेबसाइट से यहां ई-टिकट निकाले जाने की पुष्टि हुई।
इस पर टीम ने संचालक नितिन कुमार यादव पुत्र राजेंद्र प्रसाद निवासी पानी की टंकी खरकौनी थाना कप्तानगंज को गिरफ्तार कर लिया। मौके पर मौजूद कंप्यूटर व नितिन के मोबाइल आदि की जांच करने पर ज्ञात हुआ कि यहां आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर विभिन्न नामों से कुल 14 फर्जी आईडी बना कर ई-टिकट निकाले जाते थे।
अभियुक्त के लैपटॉप को चेक करने पर उसमें फर्जी सॉफ्टवेयर लोड मिला। अभियुक्त के मोबाइल में वाट्सएप चैट में कई नंबरों पर ई-टिकट व सॉफ्टवेयर के लेनदेन से संबंधित हुई चैटिंग भी मिली। इसके साथ ही मौके से आठ सामान्य व तत्काल रेलवे ई-टिकट भी बरामद हुए।
इनकी कीमत 17,108 रुपये थी। इसके अलावा मौके से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, एक मोबाइल को भी टीम ने जब्त किया। पूछताछ में अभियुक्त न ग्राहकों से प्राप्त ऑर्डर को फर्जी सॉफ्टवयर डेल्टा का इस्तेमाल करके भी टिकट बनाए जाने की बात को स्वीकार किया है। आरपीएफ व सीआईबी वाराणसी की टीम द्वारा की गई कार्रवाई से फर्जी सॉफ्टवेयर के माध्यम से ई-टिकट बनाने वालों में हड़कंप मच गया है।