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जनपद में बनेंगे दो और गोसंरक्षण केंद्र, मिला धन
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आजमगढ़। छुट्टा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने के लिए जनपद में दो और बृहद गोसंरक्षण केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा। शासन ने इसके के लिए 1.20 करोड़ स्वीकृत किए हैं। पशुपालन विभाग की ओर से तीन स्थानों पर बृहद गोसंरक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। अभी यह निश्चित नहीं है कि उनको कहां बनवाया जाएगा।
छुट्टा पशु फसलों को बरबाद कर दे रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। उनसे फसलों को बचाने के लिए पहरेदारी करनी पड़ रही है। कुछ किसान खेतों की बैरिकेडिंग करवाते हैं। शासन ने छुट्टा पशुओं को गोशालाओं में रखने को कहा है लेकिन उनकी संख्या बेहद कम है। लिहाजा तमाम पशु इधर-उधर भटकते रहते हैं। छुट्टा पशुओं से परेशान किसान अक्सर धरना-प्रदर्शन करते रहते हैं। इस स्थिति में जिलाधिकारी राजेश कुमार ने तीन बृहद गोसंरक्षण केंद्र बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसके लिए मेंहनगर के रासेपुर के पास भरथीपुर-सलेमपुर बंजर खाते की 1.787 हेक्टेयर भूमि, अतरौलिया के मकरहां में 0.405 हेक्टेयर भूमि और सगड़ी तहसील के गदनपुर हिच्छनपट्टी में भी भूमि देखी गई थी। इसमें शासन ने दो स्थानों पर बृहद गो-संरक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए स्वीकृति देते हुए 1.20 करोड़ की धनराशि भी स्वीकृत की गई है।
कई स्थानों पर बन रही है गोशाला
आजमगढ़। जनपद में 1.20 करोड़ की लागत से मार्टीनंगज के सुरहन सबसे पहला गोसंरक्षण केंद्र बनाई गई। मेंहनगर के मियांपुर में दूसरी गोशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी ने किया है। ठेकमा के पास हरईरामपुर में भी 60 मवेशियों की क्षमता की गोशाला बन रही है। जिले में डेढ़ करोड़ से ज्यादा लागत से माहुल नगर पंचायत के खानजहांपुर और आजमगढ़ नगर पालिका के मुजफ्फरपुर में कान्हा गोशाला का भी निर्माण हो रहा है।
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डीएम के निर्देश पर तीन वृहद गो-संरक्षण केंद्र निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसमें किस प्रस्ताव को स्वीकृत मिला है अभी ये स्पष्ट नहीं है। विस्तृत शासनादेश का इंतजार किया जा रहा है। धनराशि मिलने के बाद इसका कार्य शुरू कराया जाएगा। नये केंद्रों का निर्माण होने से छुट्टा मवेशियों की संख्या से निजात मिलेगी।- डॉ. वीके सिंह, सीवीओ
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छुट्टा पशु फसलों को बरबाद कर दे रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। उनसे फसलों को बचाने के लिए पहरेदारी करनी पड़ रही है। कुछ किसान खेतों की बैरिकेडिंग करवाते हैं। शासन ने छुट्टा पशुओं को गोशालाओं में रखने को कहा है लेकिन उनकी संख्या बेहद कम है। लिहाजा तमाम पशु इधर-उधर भटकते रहते हैं। छुट्टा पशुओं से परेशान किसान अक्सर धरना-प्रदर्शन करते रहते हैं। इस स्थिति में जिलाधिकारी राजेश कुमार ने तीन बृहद गोसंरक्षण केंद्र बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसके लिए मेंहनगर के रासेपुर के पास भरथीपुर-सलेमपुर बंजर खाते की 1.787 हेक्टेयर भूमि, अतरौलिया के मकरहां में 0.405 हेक्टेयर भूमि और सगड़ी तहसील के गदनपुर हिच्छनपट्टी में भी भूमि देखी गई थी। इसमें शासन ने दो स्थानों पर बृहद गो-संरक्षण केंद्रों के निर्माण के लिए स्वीकृति देते हुए 1.20 करोड़ की धनराशि भी स्वीकृत की गई है।
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कई स्थानों पर बन रही है गोशाला
आजमगढ़। जनपद में 1.20 करोड़ की लागत से मार्टीनंगज के सुरहन सबसे पहला गोसंरक्षण केंद्र बनाई गई। मेंहनगर के मियांपुर में दूसरी गोशाला का उद्घाटन जिलाधिकारी ने किया है। ठेकमा के पास हरईरामपुर में भी 60 मवेशियों की क्षमता की गोशाला बन रही है। जिले में डेढ़ करोड़ से ज्यादा लागत से माहुल नगर पंचायत के खानजहांपुर और आजमगढ़ नगर पालिका के मुजफ्फरपुर में कान्हा गोशाला का भी निर्माण हो रहा है।
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डीएम के निर्देश पर तीन वृहद गो-संरक्षण केंद्र निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। इसमें किस प्रस्ताव को स्वीकृत मिला है अभी ये स्पष्ट नहीं है। विस्तृत शासनादेश का इंतजार किया जा रहा है। धनराशि मिलने के बाद इसका कार्य शुरू कराया जाएगा। नये केंद्रों का निर्माण होने से छुट्टा मवेशियों की संख्या से निजात मिलेगी।- डॉ. वीके सिंह, सीवीओ