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जानबूझकर क्रय केंद्रों पर 19000 एमटी गेहूं बर्बाद करने काे तैयार है प्रशासन

Thu, 24 May 2018 12:00 AM IST
Azamgrah
Azamgrah Updated Thu, 24 May 2018 12:00 AM IST
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 to waste 19000 MT wheat at deliberately purchasing centers
जहनागंज में एफसीआई गोदाम के बाहर खुले में रखा गेहूं। - फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
आजमगढ़। जनपद में जिस तरह से मौसम का मिजाज बना हुआ है उसे देखते हुए आंधी, बारिश और तूफान की संभावना जताई जा रही है। बावजूद इसके जनपद के 63 क्रय केंद्रों पर 19000 एमटी गेहूं खुले में रखा हुआ है। भंडारण की उचित व्यवस्था न होने, एफसीआई की हठधर्मिता के कारण गेहूं का उठान नहीं हो रहा है। ऐसे में अगर बारिश हुई तो गेहूं की बर्बादी तय है। डीएम के प्रयास के बाद भी मामले का हल निकलता दिखाई नहीं दे रहा है।
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गेहूं खरीद के लिए इस बार जनपद को 63900 एमटी का लक्ष्य मिला है। 60 से ज्यादा केंद्रों पर चल रही खरीद के जरिए अब तक लगभग 42 हजार एमटी गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसके भंडारण के लिए इस बार एफसीआई के चकवल स्थित डिपो को चिह्नित किया गया था। शुरुआत में तो यहां गेहूं का उतार हुआ, लेकिन बाद में यहां बलिया से चावल मंगाकर भंडारण किया जा जाने लगा। केंद्रों से गेहूं लेकर पहुंचे ट्रक एक-एक सप्ताह तक डिपो पर खड़े रह रहे हैं, लेकिन गेहूं का उतार नहीं किया जा रहा है।
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जनपद के विभिन्न क्रय केंद्रों पर 19000 एमटी गेहूं खुले में रखा हुआ है। किसी तरह से इसे तिरपाल या फिर प्लास्टिक से ढंका गया है, लेकिन वो बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त नहीं है। डिपो पर गेहूं का उतार सही समय पर न होने से गेहूं की ढुलाई नहीं हो पा रही है वहीं केंद्रों पर गेहूं भरा होने से खरीद प्रभावित हो रही है।  मौसम के मिजाज का भी लगातार डर बना हुआ है।
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एफसीआई अधिकारियों से बातचीत के बाद भी समस्या का हल नहीं निकलने पर जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने मंगलवार को डिप्टी आरएमओ आरपी पटेल को तलब किया। स्थिति के बारे में जानकारी लेने के बाद उन्होंने डिप्टी आरएमओ को गेहूं भंडारण के लिए कोई अन्य विकल्प तलाशने के निर्देश दिए।


गेहूं भंडारण को लेकर समस्या आ रही है। इस संबंध में एफसीआई अधिकारियों से बात कर उन्हें पत्र भी लिखा गया था। गेहूं को भीगने नहीं दिया जाएगा। डिप्टी आरएमओ को भंडारण के लिए अन्य विकल्प तलाश कर भंडारण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
शिवाकांत द्विवेदी, जिलाधिकारी

उतार नहीं होने से ट्रक खड़े, ट्रांसपोर्टरों को मिल रही नोटिस
क्रय केंद्रों से गेहूं की ढुलाई के लिए ट्रांसपोर्टरों के ट्रक लगाए गए हैं। कुल पांच ट्रांसपोर्टरों को इसके लिए अधिकृत किया गया है। डिपो पर गेहूं का उतार नहीं होने से उनके ट्रक 10-10 दिन तक खड़े रह रहे हैं। वहीं, खाद्य एवं विपणन विभाग  से उन्हें ही लापरवाही के आरोप में नोटिस जारी किया जा रहा है।

इससे में उनमें आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि ट्रक को डिपो से खाली नहीं किया जा रहा है। इससे वो केंद्र के उठान कैसे करें। उन्हें खुद नुकसान हो रहा है। इस मामले से जिलाधिकारी को भी अवगत कराया गया है।  


क्यों आ रहा बलिया का चावल
आजमगढ़। जनपद में गेहूं भंडारण के लिए चकवल डिपो का चयन किया गया है। इसी के लिए वहां स्थान भी खाली कराया गया था। अधिकारियों के संज्ञान में भी ये बात है। इसके बाद भी बलिया का चावल लाकर यहां भरा जा रहा है। इसके लिए बलिया में भी व्यवस्था कराई जा सकती थी। चावल से स्थान भरने से गेहूं का उतार नहीं हो रहा है।
 
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