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मजदूरी मांगी तो मिली गालियां: 36,975 रुपये थे बकाया, एससी-एसटी कोर्ट में अर्जी के बाद FIR; दरोगा समेत 2 नामजद

Fri, 04 Sep 2026 07:18 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 04 Sep 2026 07:18 PM IST
सार

आजमगढ़ में बकाया मजदूरी मांगने पर मिस्त्री से जातिसूचक शब्द बोलने और मारपीट करने का आरोप लगा है। मिस्त्री की 36,975 रुपये मजदूरी ठेकेदार पर बकाया थी। आरोप है कि रकम मांगने पर उसके साथ अभद्रता की गई। एससी-एसटी कोर्ट में अर्जी के बाद पुलिस ने उपनिरीक्षक समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

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Abuse request for wages 36975 outstanding FIR lodged after petition SC/ST Court two named
मेंहनगर थाना क्षेत्र का मामला। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आजमगढ़ के मेंहनगर थाना क्षेत्र के गंजोर गांव निवासी मिस्त्री ने बकाया मजदूरी मांगने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने, गाली-गलौज और मारपीट का आरोप लगाया है। उसकी शिकायत पर मेंहनगर थाने में ठेकेदार समेत दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। नामजद आरोपियों में गंजोर निवासी त्रिभुवन सिंह और मेंहनगर थाने के उपनिरीक्षक लल्लन यादव शामिल हैं। पुलिस ने बृहस्पतिवार को एससी-एसटी एक्ट समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की।

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गंजोर निवासी सोचन मिस्त्री का काम करते हैं। आरोप है कि गांव के त्रिभुवन सिंह ने उनसे मिस्त्री का काम कराया था। करीब एक माह में काम पूरा होने के बाद कुल मजदूरी 69,975 रुपये बनी। इसमें से 33 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जबकि 36,975 रुपये बकाया रह गए। आरोप है कि बकाया मजदूरी मांगने पर त्रिभुवन सिंह रकम देने में टालमटोल करने लगे।
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बकाया मजदूरी दिलाने के लिए सोचन ने मेंहनगर थाने के अलावा एसपी आजमगढ़, श्रमायुक्त आजमगढ़ समेत अन्य अधिकारियों को भी प्रार्थना पत्र दिया। कार्रवाई न होने पर उन्होंने एससी-एसटी कोर्ट आजमगढ़ में अर्जी दी।

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अर्जी के अनुसार, नौ जून 2024 की रात करीब दो बजे त्रिभुवन सिंह, उपनिरीक्षक लल्लन यादव के साथ उनके घर पहुंचे। आरोप है कि उपनिरीक्षक ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौज और मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि उसे जबरन थाने ले जाकर चालान कर दिया गया।

पीड़ित के अनुसार, उस समय उसके घर में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी और वह अंतिम संस्कार की तैयारी में लगा था। उसने पुलिसकर्मी से शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था करने की बात कही, लेकिन आरोप है कि उसकी बात नहीं मानी गई और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।

एससी-एसटी कोर्ट में दाखिल अर्जी के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। मेंहनगर थाना प्रभारी अभिराज ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। विवेचना के दौरान घटना से जुड़े तथ्यों और आरोपों की जांच की जाएगी।

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