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प्रदूषण व तापमान का अंतर बढ़ा रहा गले और सीने का दर्द

Fri, 26 Nov 2021 11:24 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 26 Nov 2021 11:24 PM IST
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Throat and chest pain increasing the difference between pollution and temperature
आजमगढ़। मौसम में तेजी के साथ बदलाव हो रहा है। शाम होते ही सर्द हवां चलने लग रही है। इसकी वजह से अधिवक्तम व न्यूनतम तापमान में 13 से 14 डिग्री सेल्सियस का अंतर है। इसके अलावा वायु प्रदूषण भी मानक से अधिक है। इसकी वजह से शहर वासियों का स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन इलाज को पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिसमें श्वास, वायरल बुखार, गले में संक्रमण, सर्दी-जुखाम के मरीजों की संख्या ज्यादा है। इतना ही नहीं उच्च रक्तचाप व हार्टअटैक की समस्या भी बढ़ गई है।
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शुक्रवार को जिले में अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में धूप निकलने के बाद कुछ राहत महसूस हो रही है लेकिन शाम होते ही सर्द हवाएं चलने लग रही है। प्रदूषण का स्तर भी इन दिनों बढ़ा हुआ है। इसके पीछे कारण कई है। जिसमें जगह-जगह कूड़ा जलाया जाना प्रमुख है। मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के चलते बीमारियां भी तेजी से पांव पसार रही है। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एके सिंह की माने तो प्रतिदिन 1200 से 1300 के बीच मरीज इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में इलाज करोन को पहुंच रहे है। जिसमें लगभग आधे मरीज वायरल बुखार, श्वांस, सर्दी-जुखाम, गले में संक्रमण आदि के है। बच्चे व बुजूर्ग सर्वाधिक इन बीमारियों से प्रभावित है। मौसम में हो रहे तेजी से बदलाव व बढ़े प्रदूषण स्तर में बच्चों व बुजुर्गो के सेहत का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
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मौसम में तेजी से हो रहा बदलाव व प्रदूषण का बढ़ा स्तर बीमारियों को बढ़ाने में सहायक है। ऐसे में बचाव ही हमे सुरक्षित रख सकता है। वायरल बुखार व श्वांस के रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। ऐसे में पूरा प्रयास करें कि ठंड व कोहरे के बीच घर से बाहर न निकले। निकलना जरूरी है तो गर्म कपड़े से पूरा शरीर ढंक कर ही निकले। जरा सा भी परेशानी हो तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।
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डॉ. एके मिश्रा, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल।
ठंड शुरू होते ही फेफड़े, श्वांस नली व गला खराब होने की संभावन बढ़ जाती है। क्योकि इस मौसम में खांसी, जुखाम, खराश, दमा व निमोनिया बढ़ता है। खून की नलियां सिकड़ती है तो रक्तचाप बढ़ जाता है। जिससे हर्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल में वायरल बुखार, श्वांस रोगियों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है। श्वांस रोगी, बच्चे वब बुजुर्गो को सुबह व शाम बाहर घूमने से परहेज करना चाहिए।
डॉ. राजनाथ, फिजिशियर, जिला अस्पताल।
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