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नेशनल हाइवे की अधिग्रहीत भूमि पर कब्जा लेने पहुंचा प्रशासन
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आजमगढ़। वाराणसी-लुंबिनी फोरलेन के निर्माण में बाधक बन रहे निर्माणों को हटाने के लिए बुधवार को कंधरापुर बाजार में प्रशासन की टीम पहुंची। लेकिन स्थानीय लोगों ने मुआवजा न मिलने की बात कहते हुए विरोध करना शुरू कर दिया। जिसका परिणाम रहा कि कुछ जगहों पर अधिग्रहित जमीन से कब्जा हटाकर टीम वापस लौटी।
बुधवार को कंधरापुर बाजार में नेशनल हाई वे निर्माण में अधिग्रहित जमीन पर से अतिक्रमण खाली कराने फोर्स के साथ नायब तहसीलदार मयंक मिश्रा मौके पर पहुंचे। बाजार में नेशनल हाइवे के निर्माण के दौरान सरकार द्वारा जिनकी जमीन आई उन जगहों पर मार्क लगा दिया गया था। लेकिन कंधरापुर बाजार में आजमगढ़ से फैजाबाद जाने वाले रोड़ के बाएं तरफ की जमीन को लेकर कुछ स्थानीय व िवाद है। जिसके चलते जमीन अधिग्रहण का मामला काफी लंबे समय से अटका पड़ा था। जिसको लेकर बुधवार को नायब तहसीलदार मयंक मिश्रा के साथ पहुंची टीम ने कब्जे को खली करा निर्माण शुरू करवा दिया। वहीं कुछ लोगों का मामला विवादित होने के कारण उसका निस्तारण होने के बाद अधिग्रहण का आश्वासन दिया गया। बाजार निवासी दुर्गविजय का कहना था कि मेरे मुआवजे का निस्तारण नहीं हो पाया है। विभाग द्वारा एक माह पूर्व नोटिस आई थी जिस पर मेरे द्वारा सर्किल रेट की मांग की गई लेकिन अभी तक मुझे कोई जबाब नहीं दिया गया। वहीं मेरे अलावा और भी कई लोग है जिनका मामला विवादित होने के साथ ही उच्च न्यायालय में भी लंबित है।
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बुधवार को कंधरापुर बाजार में नेशनल हाई वे निर्माण में अधिग्रहित जमीन पर से अतिक्रमण खाली कराने फोर्स के साथ नायब तहसीलदार मयंक मिश्रा मौके पर पहुंचे। बाजार में नेशनल हाइवे के निर्माण के दौरान सरकार द्वारा जिनकी जमीन आई उन जगहों पर मार्क लगा दिया गया था। लेकिन कंधरापुर बाजार में आजमगढ़ से फैजाबाद जाने वाले रोड़ के बाएं तरफ की जमीन को लेकर कुछ स्थानीय व िवाद है। जिसके चलते जमीन अधिग्रहण का मामला काफी लंबे समय से अटका पड़ा था। जिसको लेकर बुधवार को नायब तहसीलदार मयंक मिश्रा के साथ पहुंची टीम ने कब्जे को खली करा निर्माण शुरू करवा दिया। वहीं कुछ लोगों का मामला विवादित होने के कारण उसका निस्तारण होने के बाद अधिग्रहण का आश्वासन दिया गया। बाजार निवासी दुर्गविजय का कहना था कि मेरे मुआवजे का निस्तारण नहीं हो पाया है। विभाग द्वारा एक माह पूर्व नोटिस आई थी जिस पर मेरे द्वारा सर्किल रेट की मांग की गई लेकिन अभी तक मुझे कोई जबाब नहीं दिया गया। वहीं मेरे अलावा और भी कई लोग है जिनका मामला विवादित होने के साथ ही उच्च न्यायालय में भी लंबित है।
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