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जिस गढ़ पर था सपा को नाज, भाजपा ने किया उसे ध्वस्त

Mon, 27 Jun 2022 12:06 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2022 12:06 AM IST
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The stronghold on which SP was proud, BJP destroyed it
प्रमाण-पत्र के साथ दिनेश लाल यादव निरहुआ।संवाद - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। सपा को जिस आजमगढ़ पर अपना अभेद्य किला होने का दंभ था, उसे भाजपा ने पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। लोकसभा उपचुनाव की रविवार को हुई मतगणना में 23वें राउंड तक सपा-भाजपा-बसपा में कड़ा मुकाबला रहा। उसके बाद बसपा का हाथी हांफ गया। यहां से सपा और भाजपा में भिड़ंत जारी रही, जो 31वें राउंड तक चली। 32वें राउंड से कमल खिला दिखने लगा। साइकिल पिछड़ गई और भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव निरहुआ जनता के स्टार बन गए।
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आजमगढ़ सीट पर 1989 के बाद से सपा और बसपा का ही दबदबा रहा है। एक बार रमाकांत यादव ने 2009 में भाजपा के बैनर तले जीत हासिल की थी, तब कहा गया था कि यह सीट रमाकांत ने अपने दम पर जीती है। लेकिन, इस उपचुनाव में भाजपा ने यह साबित कर दिया कि रमाकांत यादव की जीत उनकी नहीं, बल्कि पार्टी की भी थी। निरहुआ की जीत में बसपा प्रत्याशी शाह आलम गुड्डू जमाली की भी भूमिका रही। जमाली को जीत भले नहीं मिली, लेकिन उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं में सेंधमारी कर सपा को कमजोर कर दिया। गुड्डू जमाली किसी भी राउंड में आगे नहीं निकले, लेकिन उन्होंने पीछा भी नहीं छोड़ा। उनकी ओर से इस कांटे की टक्कर ने सपा को नुकसान और भाजपा को फायदा पहुंचाया। उपचुनाव में सपा, बसपा और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर हुई। 34 राउंड तक चली मतगणना में आखिरकार भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ 8679 मतों से जीत गए।
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सपा प्रत्याशी धर्मेंद्र यादव ने हार के लिए प्रशासन, बसपा और भाजपा के गठजोड़ को जिम्मेदार ठहराया। वहीं बसपा प्रत्याशी शाह आलम गुड्डू जमाली ने हार स्वीकार करते हुए कहा कि 2024 में वह फिर मैदान में आएंगे। भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ ने कहा कि यह आजमगढ़ की जनता की जीत है।
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सपा प्रमुख को लगा करारा झटका
आजमगढ़। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के इस्तीफे के बाद आजमगढ़ लोकसभा सीट पर कराए गए उपचुनाव में सपा मुगालते में थी कि उसका एमवाई फैक्टर फेल नहीं होगा। वह आसानी से चुनाव जीत जाएगी, लेकिन परिणाम ने पार्टी को करारा झटका दिया है और उसे आत्ममंथन करने को मजबूर कर दिया। लगभग दो माह पूर्व हुए विधानसभा चुनाव में सपा जनपद की सभी 10 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब हुई थी। उसे विश्वास था कि वह अपने मुस्लिम-यादव फैक्टर के दम पर उपचुनाव जीत जाएगी। इस सीट पर मुलायम परिवार का वर्चस्व बना रहे इसलिए धर्मेंद्र यादव को मैदान में उतारा गया। परंतु मतदाताओं ने भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव पर भरोसा जताया।
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