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Azamgarh News: दो बार निरीक्षण में खाली मिला स्कूल, शिक्षकों का वेतन रोका
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श्री मातेश्वरी पूर्व माध्यमिक विद्यालय कृष्णनगर चंदनी, शिक्षा क्षेत्र मेंहनगर में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है।
निरीक्षण में लगातार दो बार विद्यालय में न तो शिक्षक और न ही छात्र उपस्थित पाए गए। एडी बेसिक ने शिक्षकों का वेतन रोक दिया और 15 दिन में जवाब मांगा है। यदि जवाब नहीं मिला तो स्कूल की मान्यता रद्द हो जाएगी।
एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि 12 दिसंबर 2024 को पहली बार निरीक्षण में अनुपस्थिति पाई गई थी, जिसके बाद प्रधानाध्यापक व प्रबंधन से एक सप्ताह में आख्या मांगी गई, लेकिन जवाब नहीं मिला। 24 दिसंबर 2024 को आदेश जारी कर विद्यालय के वेतन और एमडीएम अनुदान पर रोक लगा दी गई। इसके बाद सात जुलाई 2025 को दोबारा निरीक्षण के निर्देश दिए गए, जिसके तहत 15 जुलाई को खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट में फिर से विद्यालय पूरी तरह खाली मिला।
अधिकारियों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षण गतिविधि नहीं हो रही और ऐसे में अनुदान पर इसे संचालित करने का औचित्य नहीं है। प्रबंधन से 15 दिन में साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है, अन्यथा सरकारी अनुदान वापसी और मान्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस बीच तीन शिक्षक एक बाबू और एक चपरासी का वेतन रोका गया है।
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निरीक्षण में लगातार दो बार विद्यालय में न तो शिक्षक और न ही छात्र उपस्थित पाए गए। एडी बेसिक ने शिक्षकों का वेतन रोक दिया और 15 दिन में जवाब मांगा है। यदि जवाब नहीं मिला तो स्कूल की मान्यता रद्द हो जाएगी।
एडी बेसिक मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि 12 दिसंबर 2024 को पहली बार निरीक्षण में अनुपस्थिति पाई गई थी, जिसके बाद प्रधानाध्यापक व प्रबंधन से एक सप्ताह में आख्या मांगी गई, लेकिन जवाब नहीं मिला। 24 दिसंबर 2024 को आदेश जारी कर विद्यालय के वेतन और एमडीएम अनुदान पर रोक लगा दी गई। इसके बाद सात जुलाई 2025 को दोबारा निरीक्षण के निर्देश दिए गए, जिसके तहत 15 जुलाई को खंड शिक्षा अधिकारी की रिपोर्ट में फिर से विद्यालय पूरी तरह खाली मिला।
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अधिकारियों का कहना है कि विद्यालय में शिक्षण गतिविधि नहीं हो रही और ऐसे में अनुदान पर इसे संचालित करने का औचित्य नहीं है। प्रबंधन से 15 दिन में साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण मांगा गया है, अन्यथा सरकारी अनुदान वापसी और मान्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस बीच तीन शिक्षक एक बाबू और एक चपरासी का वेतन रोका गया है।
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