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जर्जर विद्यालय भवन बन रहे हादसे का सबब

Thu, 14 Jul 2022 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jul 2022 11:51 PM IST
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The reason for the accident being a dilapidated school building
शहर के बदरका स्थित परिषदीय विद्यालय का जर्जर भवन।संवाद - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। मानसून आ गया है लेकिन जनपद में अभी भी करीब 55 जर्जर विद्यालयों के भवन नहीं ध्वस्त हुए हैं। जिला प्रशासन ने इसके लिए 15 दिन का समय निर्धारित किया है। एक ही कैंपस में बने इन विद्यालयों के भवन में बच्चे खेलते कूदते हैं लिहाजा किसी भी वक्त वह हादसे का शिकार हो सकते हैं। जनपद में 2702 परिषदीय विद्यालय है। इनमें प्राथमिक 1737, कंपोजिट 481 व उच्च प्राथमिक के 484 विद्यालय है। इनमें 434 विद्यालय परिसर में पुराने भवन जीर्ण शीर्ण अवस्था में थे। इनके स्थान पर स्कूल परिसर में ही दूसरा भवन बन गया। लेकिन जर्जर विद्यालयों के भवनों को नहीं गिराया गया। बेकार पड़े इन भवनों में बच्चे खेलते हैं, जिससे दुघर्टना की हमेशा आशंका बनी रहती है। ऐसे भवनों को ध्वस्त किए जाने के लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरण आनंद ने इनको चिह्नित कर गिराने और नीलामी की कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। लेकिन शासन अभी तक सभी जर्जर भवनों को नहीं गिरवा सका। बीएसए अतुल कुमार सिंह ने बताया कि जिले में 434 स्कूल परिसरों में पुराने जर्जर भवनों को गिराने के लिए मूल्यांकन किया गया था। इनमें 379 स्कूलों में पुराने भवनों का गिराकर ीलामी की कार्रवाई की जा चुकी है। शेष स्कूलों के पुराने भवनों को गिराने और उसकी नीलामी के लिए सभी बीईओ को निर्देश दिया जा चुका है।
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