आजमगढ़ मुठभेड़: सवा 3 महीने बाद मारा गया प्रधान हत्याकांड का मुख्य आरोपी, भीम आर्मी और कांग्रेस ने किया था प्रदर्शन
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आजमगढ़ जिले के तरवा थाना क्षेत्र के बांसगांव के अनुसूचित जाति के प्रधान सत्यमेव जयते की हत्या के मुख्य आरोपी सूर्यांश दुबे को आखिरकार पुलिस ने लगभग सवा 3 महीने बाद मुठभेड़ में मार गिराया। हत्याकांड को लेकर पुलिस की काफी किरकिरी हुई थी। मामले को लेकर जनपद में काफी दिनों तक राजनीतिक गतिविधिया भी गर्म थी। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर शासन का भी पुलिस पर काफी दबाव था। गुरुवार लगभग आधी रात को पुलिस ने मुख्य आरोपी को मुठभेड़ में ढेर कर क्षेत्र को एक दुर्दांत अपराधी से मुक्ति दिला दी।
तरवां थाना क्षेत्र के 12 गांव के प्रधान की 14 अगस्त को बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। साथ ही बेलगाम अपराधियों ने घर पर जाकर सूचना भी दी थी कि हमने प्रधान की हत्या कर दी है। हत्याकांड को लेकर के जबरदस्त आक्रोश फैल गया था ग्रामीण और परिजन सड़क पर उतर आए थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने बोंगरिया चौकी में आग लगा दी थी।
प्रकरण में 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें चार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। मुख्य आरोपी सूर्यांश दूबे फरार चल रहा था। मामले के खुलासे को लेकर भीम आर्मी की ओर से भी कुछ दिनों बाद विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस मामले में भी कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी।
मामले को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने भी बांसगांव जाने की कोशिश की थी। पुलिस ने किसी तरीके से उनको रोका था। इसी दौरान लगातार हत्याओं को लेकर के एसपी त्रिवेणी सिंह का भी जनपद से स्थानांतरण कर दिया गया था।
नवागत एसपी सुधीर कुमार सिंह ने मुख्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया था, लेकिन गिरफ्तारी में देरी पर शासन से भी दबाव था। गिरफ्तारी के लिए सूर्यांश पर एडीजी जोन की तरफ से एक लाख और गृह विभाग की तरफ से दो लाख का इनाम घोषित किया गया था। सूर्यांश दूबे पर हत्या के तीन मामलों समेत लूट व अन्य 12 मामले दर्ज थे।