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Azamgarh News: भाजपा नेता ने सपा के सांसदों, विधायकों पर लगाया 350 करोड़ घोटाले का आरोप
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आजमगढ़। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष जयनाथ सिंह ने मंगलवार को करतालपुर स्थित अपने कार्यालय पर प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के सांसदों व विधायकों पर 350 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो खुद को ईमानदार बताते हैं, वे पहले जनता को बताएं कि यह पैसा कहां खर्च हुआ।
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जयनाथ सिंह ने कहा कि आजमगढ़ जिले में 50 से 60 लाख लोग रहते हैं। यहां समाजवादी पार्टी के दो सांसद, 10 विधायक, 2 एमएलसी, एक जिला पंचायत अध्यक्ष और नगर पालिका पर इनका कब्जा है।
जिला पंचायत व नगर पालिका को छोड़ दें तो सांसद व विधायकों को मिलाकर करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए मिले हैं, लेकिन यह पैसा सही तरीके से खर्च नहीं हुआ। इनका कोई हिसाब नहीं है। हर काम में 50 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है। जो लाइट लगी है वह भी आधे पैसे में लगाई गई है।
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सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में अपना कार्यालय बनवाकर जिले से जुड़ने की कोशिश की। उनका पूरा परिवार जिसमें पिता, खुद और भाई धर्मेंद्र यादव सांसद बन आजमगढ़ से जुड़े हैं। क्या कभी अखिलेश यादव ने अपने विधायकों से पूछा कि गरीब जनता की कमाई का पैसा क्यों बंदरबांट हो रहा है? 350 करोड़ रुपये मामूली रकम नहीं है। यह पैसा जनता के काम के लिए है, न कि तिजोरी भरने के लिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि आजादी के बाद ऐसा मुख्यमंत्री नहीं हुआ। योगी जी ने हर क्षेत्र में विकास कराया है। आज अपराध शून्य है। आजमगढ़ में विश्वविद्यालय और संगीत महाविद्यालय खुल चुके हैं। यह किसी की निजी संपत्ति नहीं है। यह हमारी शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च होना चाहिए।अगर समाजवादी पार्टी के जनप्रतिनिधि 350ड़ का हिसाब नहीं देंगे तो 2027 में जनता उन्हें जवाब देगी। जब उनसे पूछा गया कि सरकार आपकी है, जांच क्यों नहीं करा रहे इसपर उन्होंने कहा, जांच तो हो रही है, लेकिन पहले यह लोग हिसाब दें। अगर ये बड़े ईमानदार हैं तो हिसाब देने में क्या दिक्कत है। जिले में भाजपा पदाधिकारियों में मतभेदों के सवाल पर उन्होंने कहा, मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं। संगठन ने जो जिम्मेदारी दी है, हम उसे पूरी मेहनत से निभा रहे हैं और आगे भी निभाते रहेंगे।
बिना प्रमाण के लगाए गए आरोप राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश : अशोक यादव
आजमगढ़। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों और सांसदों पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। इसके जवाब में सपा प्रवक्ता अशोक यादव ने सवाल उठाया है कि जब राज्य में भाजपा की ही सरकार है और प्रशासन पूरी तरह उनके नियंत्रण में है, तो भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष को चाहिए था कि इन भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराते, रिपोर्ट तैयार कर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबूत रखते। इससे उनकी बात की वैधता बनती। उन्होंने बिना प्रमाण के लगाए गए आरोपों को महज राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश करार दिया है।
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प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जयनाथ सिंह ने कहा कि आजमगढ़ जिले में 50 से 60 लाख लोग रहते हैं। यहां समाजवादी पार्टी के दो सांसद, 10 विधायक, 2 एमएलसी, एक जिला पंचायत अध्यक्ष और नगर पालिका पर इनका कब्जा है।
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जिला पंचायत व नगर पालिका को छोड़ दें तो सांसद व विधायकों को मिलाकर करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए मिले हैं, लेकिन यह पैसा सही तरीके से खर्च नहीं हुआ। इनका कोई हिसाब नहीं है। हर काम में 50 प्रतिशत कमीशन लिया जा रहा है। जो लाइट लगी है वह भी आधे पैसे में लगाई गई है।
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सपा के मुखिया अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में अपना कार्यालय बनवाकर जिले से जुड़ने की कोशिश की। उनका पूरा परिवार जिसमें पिता, खुद और भाई धर्मेंद्र यादव सांसद बन आजमगढ़ से जुड़े हैं। क्या कभी अखिलेश यादव ने अपने विधायकों से पूछा कि गरीब जनता की कमाई का पैसा क्यों बंदरबांट हो रहा है? 350 करोड़ रुपये मामूली रकम नहीं है। यह पैसा जनता के काम के लिए है, न कि तिजोरी भरने के लिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि आजादी के बाद ऐसा मुख्यमंत्री नहीं हुआ। योगी जी ने हर क्षेत्र में विकास कराया है। आज अपराध शून्य है। आजमगढ़ में विश्वविद्यालय और संगीत महाविद्यालय खुल चुके हैं। यह किसी की निजी संपत्ति नहीं है। यह हमारी शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर खर्च होना चाहिए।अगर समाजवादी पार्टी के जनप्रतिनिधि 350ड़ का हिसाब नहीं देंगे तो 2027 में जनता उन्हें जवाब देगी। जब उनसे पूछा गया कि सरकार आपकी है, जांच क्यों नहीं करा रहे इसपर उन्होंने कहा, जांच तो हो रही है, लेकिन पहले यह लोग हिसाब दें। अगर ये बड़े ईमानदार हैं तो हिसाब देने में क्या दिक्कत है। जिले में भाजपा पदाधिकारियों में मतभेदों के सवाल पर उन्होंने कहा, मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं। संगठन ने जो जिम्मेदारी दी है, हम उसे पूरी मेहनत से निभा रहे हैं और आगे भी निभाते रहेंगे।
बिना प्रमाण के लगाए गए आरोप राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश : अशोक यादव
आजमगढ़। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों और सांसदों पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। इसके जवाब में सपा प्रवक्ता अशोक यादव ने सवाल उठाया है कि जब राज्य में भाजपा की ही सरकार है और प्रशासन पूरी तरह उनके नियंत्रण में है, तो भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष को चाहिए था कि इन भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराते, रिपोर्ट तैयार कर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबूत रखते। इससे उनकी बात की वैधता बनती। उन्होंने बिना प्रमाण के लगाए गए आरोपों को महज राजनीतिक भ्रम फैलाने की कोशिश करार दिया है।