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दिखावे की सख्ती : वन-वे के लिए बैरिकेडिंग पुलिस नहीं रहती तो नियम रौंदते हैं चालक
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शहर में वन-वे नियम का उल्लंघन करता वाहन। - संवाद
आजमगढ़ । शहर की सड़कों को जाम से मुक्त रखने के लिए यातायात विभाग ने जिन सड़कों पर ज्यादा जाम लगता है उससे पांच सौ मीटर पहले वन-वे बैरिकेडिंग करके अपनी जिम्मेदारी निभा चुका है। नियमों के संचालन के लिए यातायात विभाग के जवानों की ड्यूटी लगाई जाती है, लेकिन वे बैरिकेडिंग के पास बैठे रहते हैं। दिनभर वन-वे वाले रास्तों पर धड़ल्ले से हल्के और भारी वाहनों का आवागमन होता है, लेकिन यातायात पुलिसकर्मी इन्हें रोकते-टोकते नहीं हैं। इसका नतीजा है कि शहर का हर कोना सुबह से शाम तक जाम से जकड़ा रहता है।
इन रास्तों पर लागू है वन-वे का नियम
रोडवेज से बिलरिया की चुंगी, हर्रा की चुंगी, ब्रह्मस्थान जाने वाले वाले वाहन लालडिग्गी बंधे से पुरानी सब्जी मंडी चौराहा, पांडेय बाजार, शिब्ली चौराहा होते हुए गंतव्य को जाएंगे।
इसी तरह रोडवेज से आने वाहनों को हर्रा की चुंगी से कोट चौराहा, कालीनगंज, काली चौरा, नगरपालिका तिराहा होते हुए रोडवेज जाएंगे। यह व्यवस्था कुछ दिनों तक लागू रही।
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इसके बाद धीरे-धीरे कर यह व्यवस्था बंद हो गई। अब दोनों मार्गों पर बैरिकेडिंग लगी है। यहां पर यातायात पुलिस और होमगार्ड के जवानों की तैनाती भी रहती है। लेकिन पुलिसकर्मी वाहन चालकों को रोकने की बजाए कुर्सी पर बैठे रहते हैं।
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इन रास्तों पर लागू है वन-वे का नियम
रोडवेज से बिलरिया की चुंगी, हर्रा की चुंगी, ब्रह्मस्थान जाने वाले वाले वाहन लालडिग्गी बंधे से पुरानी सब्जी मंडी चौराहा, पांडेय बाजार, शिब्ली चौराहा होते हुए गंतव्य को जाएंगे।
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इसी तरह रोडवेज से आने वाहनों को हर्रा की चुंगी से कोट चौराहा, कालीनगंज, काली चौरा, नगरपालिका तिराहा होते हुए रोडवेज जाएंगे। यह व्यवस्था कुछ दिनों तक लागू रही।
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इसके बाद धीरे-धीरे कर यह व्यवस्था बंद हो गई। अब दोनों मार्गों पर बैरिकेडिंग लगी है। यहां पर यातायात पुलिस और होमगार्ड के जवानों की तैनाती भी रहती है। लेकिन पुलिसकर्मी वाहन चालकों को रोकने की बजाए कुर्सी पर बैठे रहते हैं।