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परिवारिक सदस्यों के फर्म को वेंडर के रूप में नहीं कर सकेंगे रजिस्टर
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पिछले दो वर्षों में मनरेगा में काफी गड़बड़ियों की शिकायत के बाद सख्त नियम बनाए गए हैं। मनरेगा योजनांतर्गत मैटेरियल, ईंधन, स्टेशनरी व अन्य सामग्री अथवा सर्विस की आपूर्ति के लिए मनरेगा कार्यक्रम के क्रियान्वयन से जुड़े पदाधिकारी व कर्मी के पारिवारिक सदस्यों व रिश्तेदारों द्वारा स्थापित फर्म या कंपनी को वेंडर के रूप में रजिस्टर नहीं करने की व्यवस्था की गई है।
उपायुक्त श्रम रोजगार मिथिलेश कुमार तिवारी ने कहा कि मनरेगा कार्यक्रम के क्रियान्वयन से जुड़े पदाधिकारी व कर्मी जैसे क्षेत्र पंचायत प्रमुख, खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, सहायक कार्यक्रम अधिकारी, सहायक लेखाकार, कंप्यूटर ऑपरेटर व ग्राम रोजगार सेवक के परिवार के सदस्य व रिश्तेदारों द्वारा स्थापित फर्म को वेंडर के रूप में रजिस्टर नहीं किया जाएगा। इसका अर्थ पिता, पितामह, ससुर, चाचा या मामा, पुत्र, पौत्र, दामाद, भाई, भतीजा या भांजा, सगा चचेरा या ममेरा भाई, पत्नी का भाई और बहनोई, पति, पति का भाई, पति की बहन, पत्नी की बहन, पत्नी, पुत्री, पुत्रवधू, बहन, भाभी जो भाई या सगे चचेरे या ममेरे भाई की पत्नी हो मामा, सास, चाची या मामी से है। उक्त का पालन कराने के लिए जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक द्वारा यह स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि योजनांतर्गत चिन्हित कार्रदायी विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी एवं समस्त खंड विकास अधिकारी व कार्यक्रम अधिकारी अपने कार्य क्षेत्र के अंतर्गत पंजीकृत वेंडर को संसूचित करते हुए पंजीयन से तत्काल हटवाना सुनिश्चित करें। यह स्पष्ट किया जाता है कि भविष्य में शासनादेश में वर्णित व्यवस्था के विपरीत वेंडर पंजीयन की स्थिति की दशा में संबंधित के विरूद्घ कठोर कार्रवाई के साथ-साथ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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उपायुक्त श्रम रोजगार मिथिलेश कुमार तिवारी ने कहा कि मनरेगा कार्यक्रम के क्रियान्वयन से जुड़े पदाधिकारी व कर्मी जैसे क्षेत्र पंचायत प्रमुख, खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव, तकनीकी सहायक, सहायक कार्यक्रम अधिकारी, सहायक लेखाकार, कंप्यूटर ऑपरेटर व ग्राम रोजगार सेवक के परिवार के सदस्य व रिश्तेदारों द्वारा स्थापित फर्म को वेंडर के रूप में रजिस्टर नहीं किया जाएगा। इसका अर्थ पिता, पितामह, ससुर, चाचा या मामा, पुत्र, पौत्र, दामाद, भाई, भतीजा या भांजा, सगा चचेरा या ममेरा भाई, पत्नी का भाई और बहनोई, पति, पति का भाई, पति की बहन, पत्नी की बहन, पत्नी, पुत्री, पुत्रवधू, बहन, भाभी जो भाई या सगे चचेरे या ममेरे भाई की पत्नी हो मामा, सास, चाची या मामी से है। उक्त का पालन कराने के लिए जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक द्वारा यह स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि योजनांतर्गत चिन्हित कार्रदायी विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी एवं समस्त खंड विकास अधिकारी व कार्यक्रम अधिकारी अपने कार्य क्षेत्र के अंतर्गत पंजीकृत वेंडर को संसूचित करते हुए पंजीयन से तत्काल हटवाना सुनिश्चित करें। यह स्पष्ट किया जाता है कि भविष्य में शासनादेश में वर्णित व्यवस्था के विपरीत वेंडर पंजीयन की स्थिति की दशा में संबंधित के विरूद्घ कठोर कार्रवाई के साथ-साथ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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