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डेल्टा प्लस को लेकर बाहरियों पर सख्ती की कवायद
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आजमगढ़। कोरोना के नए वेरिएंट डेल्टा प्लस को लेकर प्रशासन बेहद सतर्क है। अब महानगरों से आने वालों की निगरानी शुरू कर दी गई है। एंटीजन के बजाए आरटीपीसीआर जांच को जरूरी कर दिया गया है। निगरानी समितियों को भी प्रशासन ने सजग कर दिया है।
बहुरूपिया कोरोना लगातार अपनी शक्ल बदल रहा है। उसके नए-नए स्ट्रेन सामने आ रहे हैं। अब कोरोना का नया वेरिएंट डेल्ट प्लस भी सामने आ चुका है। इसे बच्चों के लिए खतरनाक बनाया जा रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा सजग हो गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने इस संबंध में अलर्ट जारी किया है। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देश पर एंटीजन के बजाए आरटीपीसीआर जांच बढ़ा दी गई है। पहले लगभग 1200 आरटीपीसीआर व 2500 एंटीजन जांच होती थी। डेल्ट प्लस के मद्देनजर 1200 एंटीजन व 2500 आरटीपीसीआर जाचं कराई जा रही है। साथ ही बाहर से आने वालों की निगरानी बढ़ा दी गई है। निगरानी समितियों के माध्यम से लक्षण युक्त बच्चों की पहचान शुरू कर दी गई है। निगरानी समितियों के माध्यम से सर्दी, खांसी, बुखार आदि से ग्रसित बच्चों का पता लगाया जा रहा है।
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बहुरूपिया कोरोना लगातार अपनी शक्ल बदल रहा है। उसके नए-नए स्ट्रेन सामने आ रहे हैं। अब कोरोना का नया वेरिएंट डेल्ट प्लस भी सामने आ चुका है। इसे बच्चों के लिए खतरनाक बनाया जा रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन व स्वास्थ्य महकमा सजग हो गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने इस संबंध में अलर्ट जारी किया है। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देश पर एंटीजन के बजाए आरटीपीसीआर जांच बढ़ा दी गई है। पहले लगभग 1200 आरटीपीसीआर व 2500 एंटीजन जांच होती थी। डेल्ट प्लस के मद्देनजर 1200 एंटीजन व 2500 आरटीपीसीआर जाचं कराई जा रही है। साथ ही बाहर से आने वालों की निगरानी बढ़ा दी गई है। निगरानी समितियों के माध्यम से लक्षण युक्त बच्चों की पहचान शुरू कर दी गई है। निगरानी समितियों के माध्यम से सर्दी, खांसी, बुखार आदि से ग्रसित बच्चों का पता लगाया जा रहा है।
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