फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Speed of increase in water level of Ghaghra slowed

धीमी हुई घाघरा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी की रफ्तार

Tue, 04 Aug 2020 07:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2020 07:42 PM IST
विज्ञापन
Speed of increase in water level of Ghaghra slowed
सगड़ी के जोकहरा में बांध टूटा के बाद घरों को खाली करते ग्रामीण। - फोटो : AZAMGARH
लाटघाट। घाघरा नदी के जलस्तर में वृद्घि का क्रम जारी है। लेकिन यह वृद्घि पहले की तुलना में काफी कम हो गई है। विगत 24 घंटे में बदरहुंआ नाले पर नौ सेमी और डिघिया पर पांच सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। जलस्तर बढ़ने से बंधे पर विस्थापित हुए लोगों को अभी तक राशन पैकेट नहीं मिला है। जिसके कारण बहुत से लोग भूखे पेट सोने को विवश हैं।
विज्ञापन

सोमवार की शाम को बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 72.78 मीटर दर्ज किया गया था। जो मंगलवार को नौ सेमी बढ़कर 72.87 मीटर हो गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 119 सेमी ऊपर है। वहीं सोमवार को डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर 71.70 मीटर दर्ज किया गया था। जो मंगलवार को बढ़कर 71.97 मीटर पर पहुंच गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 70.40 से 157 सेमी ऊपर है। नदी का जलस्तर बढ़ने से बहुत से लोग महुला गढ़वल बांध पर विस्थापित हो गए हैं। इन लोगों के पास खाने पीने का सामान नहीं है। वहीं अभी प्रशासन द्वारा भी अभी तक इन्हें राशन पैकेट उपलब्ध नहीं कराया गया है। जिसके कारण सैकड़ों लोग भूखे पेट अंधेरे में सोने को विवश हैं। बाढ़ से विस्थापित हुए कुढही सहदेवगंज के महुला गढ़वल बंधे पर सैकड़ों लोग पशु लेकर विस्थापित है। इन्हें भोजन तो दूर मिट्टी का तेल भी नहीं मिला है। कुड़ही के पास कौशल्या, रीता, कुसुम, लोरिक सहित 50 से 60 लोग बंधे पर हैं। इनका कहना है कि भोजन तो दूर मिट्टी का तेल भी नहीं मिला। वहीं नंदू, केशव आदि ने कहा कि प्रशासन द्वारा अभी तक गिनेचुने लोगों को दो-चार राशन पैकेट ही दिया गया है। बच्चे भूख से बिलबिला रहे हैं बिजली न होने के कारण रात में अंधेरा रहता है। केवल अब तक पशुुओं के लिए भूसा मिला है।
विज्ञापन

गांगेपुर बंधा भी जर्जर, बचाने में जुटे ग्रामीण
लाटघाट। घाघरा की बाढ़ से गांवों को बचाने के लिए मनरेगा से तीन किमी लंबे गांगेपुर रिंग बांध का निर्माण कराया गया था। लेकिन वर्तमान में इसकी हालत भी खस्ता है। लेकिन इसकी तरफ भी प्रशासन का ध्यान नहीं है। बंधे में हो रहे रिसाव को बंद करने के लिए कई दिनों से ग्रामीण बंधे पर जमे हुए हैं। इस रिंग बांध के टूटने से 300 एकड़ फसल व बड़ी आबादी प्रभावित होगी। गांव के पूर्व प्रधान प्रतिनिधि रामनिवास यादव ने बताया कि घाघरा के दबाव से बंधा जर्जर हो रहा है। इसकी मरम्मत करना अति आवश्यक है। बीते कई दिनों से गांव के लोग बंधे पर जमे हुए हैं और उसकी मरम्मत कर रहे हैं। इसकी सूचना उन्होंने कई बार विभाग को दिया पर अभी तक बंधे के मरम्मत नहीं कराई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

पशु लेकर जा रहा व्यक्ति नदी में डूबने लगा, लोगों ने बचाया
लाटघाट। सहदेवगंज के पास नौबरार त्रिपुरार पूर्णिमा गांव निवासी रामप्रीत यादव (50) पुत्र रामदेव यादव मंगलवार को पशु लेकर बंधे पर आ रहे थे। अचानक पैर फिसल गया और वह नदी के धारा में बहने लगे। यह देख कर आजाद यादव लाल उर्फ हरकेश यादव, संदीप कन्नौजिया, नरसिंह, इंद्रेश यादव, आलोक यादव, अशोक यादव आदि कांधला से नाव लेकर लगभग दो किमी दूर जाकर उसे डूबने से बचाया। रामप्रीत ने बताया कि जब तक साहस था हाथ पैर चलाया अब थक गया था अगर यह लोग नहीं आते तो मैं डूब जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed