{"_id":"56f582814f1c1bd101f14e60","slug":"sp-will-play-for-the-fifth-time-in-the-field-former-mla-ramdrshn","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांचवीं बार सपा से मैदान में उतरेंगे पूर्व विधायक रामदर्शन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांचवीं बार सपा से मैदान में उतरेंगे पूर्व विधायक रामदर्शन
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Fri, 25 Mar 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
पूर्व विधायक रामदर्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बताते चलें कि जिले की दस विधानसभाओं में से एक मात्र मुबारकपुर विधानसभा ऐसी थी, जहां सपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा था। जबकि अन्य नौ सीटों पर सपा के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज कराई थी।
इस सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी शाह आलम गुड्डू जमाली ने जीत दर्ज कराई थी। जबकि सपा प्रत्याशी अखिलेश यादव दूसरे नंबर पर थे। जबकि रामदर्शन यादव इस क्षेत्र से चुनाव मैदान में भाजपा के टिकट से उतरे थे। साथ ही परिणाम आने पर इन्हें तीसरा स्थान मिला था।
बताते चलें कि रामदर्शन यादव सपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। लंबे समय तक ये सपा के जिलाध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2012 के चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज होकर इन्होंने सपा का दामन छोड़ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। साथ ही मुबारकपुर विधानसभा से चुनावी मैदान में उतरे थे। वर्ष 2014 में मुलायम सिंह यादव जब आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन किए, तब रामदर्शन यादव भाजपा का दामन छोड़ पुराने घर में अपनी वापसी किए।
विज्ञापन
सपा मुखिया के चुनाव जीतने के बाद प्रदेश सरकार ने रामदर्शन यादव को ग्राम्य विकास विभाग का सलाहकार बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया। इससे पहले वर्ष 1993 में रामदर्शन यादव मुबारकपुर विधानसभा से विधायक चुने गए। इस दौरान सपा और बसपा मिलकर चुनाव लड़ी थी। तब से रामदर्शन यादव लगातार चुनाव लड़े। लेकिन सफलता नहीं मिली। मुबारकपुर विधानसभा से रामदर्शन यादव का टिकट फाइनल होने से कार्यकर्ताओं में हर्ष व्याप्त है।
विज्ञापन
इस सीट से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी शाह आलम गुड्डू जमाली ने जीत दर्ज कराई थी। जबकि सपा प्रत्याशी अखिलेश यादव दूसरे नंबर पर थे। जबकि रामदर्शन यादव इस क्षेत्र से चुनाव मैदान में भाजपा के टिकट से उतरे थे। साथ ही परिणाम आने पर इन्हें तीसरा स्थान मिला था।
विज्ञापन
बताते चलें कि रामदर्शन यादव सपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। लंबे समय तक ये सपा के जिलाध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2012 के चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज होकर इन्होंने सपा का दामन छोड़ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। साथ ही मुबारकपुर विधानसभा से चुनावी मैदान में उतरे थे। वर्ष 2014 में मुलायम सिंह यादव जब आजमगढ़ संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन किए, तब रामदर्शन यादव भाजपा का दामन छोड़ पुराने घर में अपनी वापसी किए।
विज्ञापन
सपा मुखिया के चुनाव जीतने के बाद प्रदेश सरकार ने रामदर्शन यादव को ग्राम्य विकास विभाग का सलाहकार बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दिया। इससे पहले वर्ष 1993 में रामदर्शन यादव मुबारकपुर विधानसभा से विधायक चुने गए। इस दौरान सपा और बसपा मिलकर चुनाव लड़ी थी। तब से रामदर्शन यादव लगातार चुनाव लड़े। लेकिन सफलता नहीं मिली। मुबारकपुर विधानसभा से रामदर्शन यादव का टिकट फाइनल होने से कार्यकर्ताओं में हर्ष व्याप्त है।