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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   No permission for hoardings, yet hundreds have been put up across the city; this entails a loss of revenue and poses a risk of accidents.

Azamgarh News: होर्डिंग की अनुमति नहीं, फिर भी शहर में लगीं सैकड़ों, राजस्व की क्षति के साथ हादसे का भी खतरा

Thu, 08 Oct 2026 12:25 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2026 12:25 AM IST
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No permission for hoardings, yet hundreds have been put up across the city; this entails a loss of revenue and poses a risk of accidents.
सिविल लाइन में कोतवाली के सामने लगे प्रचार सामग्री। संवाद
शहर के मुख्य बाजारों और सड़कों के किनारे लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) से अनुमति लिए बिना ही बड़ी संख्या में होर्डिंग और बैनर लगा दिए गए हैं। इससे प्रमुख मार्ग और चौराहे प्रचार सामग्री से पटे पड़े हैं।
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बिना एनओसी के लगाई गई भारी-भरकम होर्डिंग से जहां विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं सड़क किनारे लगे ढांचे से दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।
शहर की सड़कों से लेकर प्रमुख चौराहों और तिराहों तक जगह-जगह होर्डिंग और बैनर लगाए गए हैं। कहीं लोहे की पाइप तो कहीं बांस-बल्लियों के सहारे सड़क किनारे प्रचार सामग्री खड़ी कर दी गई है।
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कई स्थानों पर होर्डिंग इतनी बड़ी हैं कि राहगीरों और वाहन चालकों की नजर भी प्रभावित होती है। सिधारी, नरौली, पहलवान तिराहा, कचहरी मोड़, रोडवेज, सिविल लाइंस, कलेक्ट्रेट क्षेत्र, रैदोपुर और बलरामपुर समेत शहर के विभिन्न हिस्सों में बड़ी-बड़ी होर्डिंग दिखाई दे रही हैं।
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आरोप है कि इनमें से कई के लिए लोक निर्माण विभाग से अनुमति नहीं ली गई और न ही निर्धारित राजस्व जमा कराया गया। लोक निर्माण विभाग के अनुसार, पिछले एक वर्ष से उनकी तरफ से प्रचार सामग्री लगाने के लिए किसी को भी अनुमति नहीं दी गई है।
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कार्रवाई नहीं होने से बढ़ रहा अतिक्रमण
सड़कों के किनारे बिना अनुमति लगातार प्रचार सामग्री लगाए जाने से शहर का स्वरूप भी प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा तेज हवा या बारिश के दौरान कमजोर ढांचे वाली होर्डिंग गिरने से हादसे की आशंका बनी रहती है। लोगों का कहना है कि विभाग को अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग चिह्नित कर हटानी चाहिए और बिना अनुमति लगाने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

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पिछले करीब एक वर्ष से मेरे कार्यालय द्वारा प्रचार सामग्री लगाने के लिए न तो किसी ने अनुमति मांगी और न ही अनुमति दी गई है। शहरी क्षेत्र में प्रचार सामग्री आदि हटाने का काम नगरपालिका का है, उन्हें समय-समय पर करना चाहिए। -विशाल पांडेय, अधिशासी अभियंता, लोनिवि प्रांतीय खंड।

सिविल लाइन में कोतवाली के सामने लगे प्रचार सामग्री। संवाद

सिविल लाइन में कोतवाली के सामने लगे प्रचार सामग्री। संवाद

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