UP News: साइकिल के जरिये मध्य प्रदेश से आजमगढ़ पहुंचीं आशा, इस इरादे से कर रहीं भारत यात्रा
मध्य प्रदेश से चलकर दिल्ली तक साइकिल यात्रा करने निकली आशा मालवीय रविवार को आजमगढ़ जिले में प्रवेश की। इस यात्रा में देश के 28 राज्यों में कुल 25 हजार किमी की दूरी तय की जानी है। लोग उनके हौसले और जज्बे को सलाम कर रहे हैं।
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मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के नाटाराम गांव की रहने वाली सोलो साइक्लिस्ट आशा मालवीय 25 हजार किमी की यात्रा पर निकली हैं। उनका लक्ष्य देश के सभी राज्यों तक पहुंचना है। रविवार को बक्सर के रास्ते यूपी के आजमगढ़ पहुंचीं। यहां उनका स्वागत किया गया और पुलिस अधिकारियों से मुलाकात हुई। महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश लेकर आशा संपूर्ण भारत की साइकिल यात्रा पर निकली हैं। लोग उनके हौसले और जज्बे को सलाम कर रहे हैं।
नवंबर 2022 से मध्य प्रदेश के भोपाल से साइकिल से देश भ्रमण पर निकलीं आशा मालवीय शनिवार को आजमगढ़ पहुंचीं। जहानागंज थाना क्षेत्र में पुलिस व प्रबुद्धजनों ने महिला साइकिल यात्री का जोरदार स्वागत किया। आशा ने बताया कि वह राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी व पर्वतारोही भी हैं। महिलाओं को अपनी सुरक्षा तथा सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से साइकिल यात्रा कर रही हैं।
18 हजार 650 किमी की दूरी तय
अब तक वह 22 राज्यों का भ्रमण कर चुकी हैं। बताया कि 25 हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी करने का संकल्प लेकर वह निकली हैं। आशा ने अपनी यात्रा के दौरान अपने अच्छे-बुरे अनुभवों को भी साझा किया। अभी तक आशा 18 हजार 650 किमी की दूरी तय कर चुकी हैं।
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इसके साथ ही वह यात्रा के दौरान 16 राज्यों के मुख्यमंत्री, 17 प्रांतों के राज्यपाल व 15 प्रदेशों के पुलिस प्रमुखों तथा लगभग 100-100 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों से मुलाकात कर चुकी है। आशा ने बताया कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मिलने इच्छा है। अपने संदेश में उन्होंने महिलाओं के बारे में कहा कि उनके मन में यह बात बैठाने की जरूरत है कि हमारे देश में महिलाएं सुरक्षित हैं और उनकी सुरक्षा के प्रति देश एवं प्रदेश की सरकारों द्वारा बराबर ध्यान दिया जा रहा है।
सारी जिम्मेदारी केवल सरकार की ही नहीं
आशा ने कहा कि हम महिलाओं को भी अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना होगा। सारी जिम्मेदारी केवल सरकार की ही नहीं है। उन्होंने देश के युवाओं के बारे में कहा कि युवा पीढ़ी को अपने काम में असफल होने पर निराशा के भाव मन से निकाल कर हिम्मत से काम ले। हार के आगे जीत की धारणा मन में बैठा कर युवा आगे बढ़ सकते है। आशा ने बताया कि 15 अगस्त को देश की राजधानी दिल्ली पहुंच कर वह अपनी यात्रा को विराम देंगी।