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रुला देगी कहानी: भैंस बेची, कर्ज लिया... रूस पहुंचने पर युद्ध में झोंका, बहन ने दूतावास को किए 50 ई-मेल
Sun, 19 Jan 2025 10:28 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sun, 19 Jan 2025 10:28 AM IST
सार
Azamgarh Latest News: आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाना क्षेत्र का एक युवक रोजगार के सिलसिले में रूस जाने के लिए अपनी भैंस बेच दी। साथ ही उसने कर्ज भी लिया। उसे रूस पहुंचने पर युद्ध में झोंक दिया गया। इस समय वह कहां है इस बारे में किसी को नहीं पता।
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योगेंद्र यादव।
- फोटो : परिजन
विस्तार
परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए युवक ने भैंस बेची और कर्ज लिया और उन पैसों से रूस गया, लेकिन उसे क्या पता था कि वह मुसीबत में फंस जाएगा। युवक इस समय कहां हैं, इस बारे में किसी को पता नहीं है।
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परिजनों का आरोप है कि सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी के बहाने योगेंद्र को रूस ले गए थे। वहां पहुंचने पर उसे बताया गया कि युद्ध की ट्रेनिंग करनी है। भाई को वापस लाने के लिए बहन भारतीय दूतावास को अब 50 से ज्यादा ई-मेल कर चुकी है। परिजन सांसद धर्मेंद्र यादव, विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी गुहार लगा चुके हैं।
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एक साल रूस पहले गया था युवक
कंधरापुर थाना क्षेत्र के खोजापुर माधोपट्टी निवासी दुर्गावती देवी ने बताया कि बेटा योगेंद्र यादव जनवरी 2024 में रूस गया था। मऊ जिले का विनोद यादव उसे ले गया था। रूस जाने के लिए योगेंद्र ने भैंस बेच दी थी। लोगों से कर्जा भी लिया था।
पत्नी अनीता के अनुसार, रूस से योगेंद्र ने अपने भाई राम नगीना के खाते में दो बार में एक लाख रुपये भेजे थे। लेकिन मई से उनकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। बहन खुशबू यादव ने बताया कि वह दिल्ली में पढ़ाई करती है। भाई का पता लगाने के लिए हर दूसरे- तीसरे दिन भारतीय दुतावास को ई-मेल करती है। अब तक 50 से ज्यादा ई-मेल कर चुकी है, लेकिन जवाब नहीं मिला है।
भाई राम नगीना ने बताया कि दिल्ली के सुमित और दुष्यंत के माध्यम से योगेंद्र रूस गया था। सुमित के पास योगेंद्र का एटीएम कार्ड भी है। जब सुमित को यह पता चला कि परिजन उसकी तलाश कर रहे हैं तो वह ऑस्ट्रेलिया और दुष्यंत रूस भाग गया।
पत्नी अनीता के अनुसार, रूस से योगेंद्र ने अपने भाई राम नगीना के खाते में दो बार में एक लाख रुपये भेजे थे। लेकिन मई से उनकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। बहन खुशबू यादव ने बताया कि वह दिल्ली में पढ़ाई करती है। भाई का पता लगाने के लिए हर दूसरे- तीसरे दिन भारतीय दुतावास को ई-मेल करती है। अब तक 50 से ज्यादा ई-मेल कर चुकी है, लेकिन जवाब नहीं मिला है।
भाई राम नगीना ने बताया कि दिल्ली के सुमित और दुष्यंत के माध्यम से योगेंद्र रूस गया था। सुमित के पास योगेंद्र का एटीएम कार्ड भी है। जब सुमित को यह पता चला कि परिजन उसकी तलाश कर रहे हैं तो वह ऑस्ट्रेलिया और दुष्यंत रूस भाग गया।