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बाहर से आने वालों के लिए ब्लाक और गांव स्तर पर शेल्टर होम
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बघावर के नवनीत कालेज में 200 बेड का आइसोलेसन सेंटर बनाया जा रहा है।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। बाहरी जनपदों से लगातार आने वाले यात्रियों को क्वारंटीन करने के शासन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त प्रयास किया गया है। इसके तहत डीएम एनपी सिंह ने ब्लाक स्तर इंटर कालेज में 50 बेड और गांव के प्राथमिक विद्यालय में पांच बेड के क्वारंटीन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। यहां पर बेड की व्यवस्था टेंट हाउस और खाने की व्यवस्था समाजसेवियों के सहयोग से की जाएगी। इसके बाद भी जरूरत पड़ने पर इसका खर्च शासकीय धन से व्यय किया जाएगा।
दिल्ली यूपी के वार्ड पर यात्रियों का रेला लगा है। इसमें हजारों की संख्या में पूर्वांचल के जनपदों के निवासी हैं जो दिल्ली और पश्चिमी यूपी में विभिन्न काम करते हैं। ऐसे लोगों को बसों के माध्यम से उनके जनपद में भेजा जा रहा था। पिछले तीन दिनों में हजारों की संख्या में लोग आजमगढ़ रोडवेज पर पहुंचे हैं। हालांकि इसमें बलिया जनपद के यात्रियों की संख्या अधिकाधिक रही है। बताया जाता है कि पिछले तीन दिनों में बाहर से आने वाले पांच से छह हजार लोगों में आजमगढ़ के कुल 1500 के आसपास लोग शामिल थे। इसमें शनिवार दोपहर तक आने वाले यात्री अपने घरों को रवाना हो चुके हैं। इसके बाद शासन की ओर से निर्देश आया कि बसों से आने वाले यात्रियों को सीधे घर नहीं भेजा जाएगा। इनको पहले 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा।
सोमवार से तो जिला प्रशासन की ओर से इनकी मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल और अतरौलिया स्थित 100 शैय्या के अस्पताल में जांच के बाद क्वारंटीन करना शुरू कर दिया गया। अभी तक सबसे ज्यादा लोगों को अतरौलिया अस्पताल में रखा गया है। वहीं गांव पहुंच चुके लोगों की भी सीएचसी और पीएचसी पर जांच कराई जा रही है। जिन लोगों के घरों में रहने का स्थान कम है उनके लिए ब्लाक और गांव स्तर पर भी क्वारंटीन सेंटर तैयार किया है। ब्लाक स्तर के सेंटर की जिम्मेदारी बीडीओ की है। यहां टेंट हाउस से 50 तक बेड लगाए जाएंगे। इसके लिए 23 इंटर कालेजों का अधिग्रहण कर लिया गया है। यहां पर एक एसआई और तीन कांस्टेबलों की भी तैनाती की जाएगी। साथ ही सफाई के लिए सफाईकर्मी भी तैनात होंगे। इसके अलावा गांव के प्राथमिक स्कूल में भी पांच बेड का क्वारंटीन सेंटर बनाने के निर्देश प्रधान को दे दिए हैं। सुरक्षा के लिए पीआरडी के जवान तैनात किए गए हैं। स्थानीय समाजसेवियों की मदद से इनके खाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद भी जरूरत पड़ी तो शासकीय धन से इसका व्यय वहन किया जाएगा।
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प्रधान चयन करेंगे, किसको रखेंगे
आजमगढ़। क्वारंटीन सेंटर में ऐसे लोगों को रखा जाएगा जो बाहर से आए हैं और इनके घर में जगह कम है। इसके लिए प्रधानों, लेखपालों और सेक्रेटरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये गांव में इसकी जांच करेंगे कि पिछले पांच दिनों के दौरान गांव में बाहर से कौन आया है। इसके बाद इन लोगों को गांव और ब्लाक के सेंटर पर 14 दिन के लिए रखा जाएगा। खाने के लिए रसोइयों को जिम्मेदारी दी गई है।
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दिल्ली यूपी के वार्ड पर यात्रियों का रेला लगा है। इसमें हजारों की संख्या में पूर्वांचल के जनपदों के निवासी हैं जो दिल्ली और पश्चिमी यूपी में विभिन्न काम करते हैं। ऐसे लोगों को बसों के माध्यम से उनके जनपद में भेजा जा रहा था। पिछले तीन दिनों में हजारों की संख्या में लोग आजमगढ़ रोडवेज पर पहुंचे हैं। हालांकि इसमें बलिया जनपद के यात्रियों की संख्या अधिकाधिक रही है। बताया जाता है कि पिछले तीन दिनों में बाहर से आने वाले पांच से छह हजार लोगों में आजमगढ़ के कुल 1500 के आसपास लोग शामिल थे। इसमें शनिवार दोपहर तक आने वाले यात्री अपने घरों को रवाना हो चुके हैं। इसके बाद शासन की ओर से निर्देश आया कि बसों से आने वाले यात्रियों को सीधे घर नहीं भेजा जाएगा। इनको पहले 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा।
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सोमवार से तो जिला प्रशासन की ओर से इनकी मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल और अतरौलिया स्थित 100 शैय्या के अस्पताल में जांच के बाद क्वारंटीन करना शुरू कर दिया गया। अभी तक सबसे ज्यादा लोगों को अतरौलिया अस्पताल में रखा गया है। वहीं गांव पहुंच चुके लोगों की भी सीएचसी और पीएचसी पर जांच कराई जा रही है। जिन लोगों के घरों में रहने का स्थान कम है उनके लिए ब्लाक और गांव स्तर पर भी क्वारंटीन सेंटर तैयार किया है। ब्लाक स्तर के सेंटर की जिम्मेदारी बीडीओ की है। यहां टेंट हाउस से 50 तक बेड लगाए जाएंगे। इसके लिए 23 इंटर कालेजों का अधिग्रहण कर लिया गया है। यहां पर एक एसआई और तीन कांस्टेबलों की भी तैनाती की जाएगी। साथ ही सफाई के लिए सफाईकर्मी भी तैनात होंगे। इसके अलावा गांव के प्राथमिक स्कूल में भी पांच बेड का क्वारंटीन सेंटर बनाने के निर्देश प्रधान को दे दिए हैं। सुरक्षा के लिए पीआरडी के जवान तैनात किए गए हैं। स्थानीय समाजसेवियों की मदद से इनके खाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद भी जरूरत पड़ी तो शासकीय धन से इसका व्यय वहन किया जाएगा।
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प्रधान चयन करेंगे, किसको रखेंगे
आजमगढ़। क्वारंटीन सेंटर में ऐसे लोगों को रखा जाएगा जो बाहर से आए हैं और इनके घर में जगह कम है। इसके लिए प्रधानों, लेखपालों और सेक्रेटरी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये गांव में इसकी जांच करेंगे कि पिछले पांच दिनों के दौरान गांव में बाहर से कौन आया है। इसके बाद इन लोगों को गांव और ब्लाक के सेंटर पर 14 दिन के लिए रखा जाएगा। खाने के लिए रसोइयों को जिम्मेदारी दी गई है।