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Azamgarh : मुरादाबाद मेले से गुम हुई, 49 साल बाद अपनों से मिली, पुलिस बनी मददगार, भर आई आंखें
Tue, 24 Dec 2024 08:47 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Tue, 24 Dec 2024 08:47 PM IST
सार
मेले में बिछड़े कभी मिलते नहीं ऐसी कहानियां तो आपने बहुत सी देखी और सुनी होंगी लेकिन आजमगढ़ पुलिस ने अब इस कथन को विराम दिया है और 49 साल बाद एक महिला को उसके परिवार से मिला दिया है। बताया जा रहा है कि जब ये महिला लापता हुई थी तब इनकी उम्र महज आठ साल थी और ये मुरादाबाद के मेले से गायब हुई थी।
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आजमगढ़ पुलिस का गुडवर्क
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
आजमगढ़ पुलिस की सजगता के चलते एक बिछड़ी आठ वर्षीय की बच्ची 49 वर्ष बाद परिवार वालों को मिल गई। यह बच्ची सन् 1975 में जनपद मुरादाबाद के मेले से गुम हुई थी। गुम हुई बहन को 49 वर्ष बाद देख कर भाई की भी आंखें डबडबा गईं। परिवार में मानो खुशियां लौट आई हों। बिछड़े भाई-बहन को मिलाने की घटना को लेकर परिवार व आसपास के लोग पुलिस के इस कार्य की सराहना की।
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पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना द्वारा आपरेशन मुस्कान के तहत अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अपहृत व गुमशुदा लोगों की बरामदगी की जाती है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 19 दिसंबर 2024 को रामपुर जनपद के प्राथमिक विद्यालय पजावा बिलासपुर की महिला शिक्षक डा. पूजा रानी ने अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र लाल से संपर्क किया था। सूचना दी कि एक महिला फूला देवी व फूलमती (57) जो 49 वर्ष पूर्व सन् 1975 में जब वह आठ वर्ष की थी अपनी मां श्यामादेई के साथ जनपद मुरादाबाद गई थी।
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वहीं, पर जनपद मुरादाबाद बाजार में एक बूढ़े व्यक्ति द्वारा फूला को लालच देकर अपने साथ लेकर चला गया, जहां उसने फूला को कुछ दिन अपने साथ रखा। इसके बाद फिर उन्हें रामपुर जनपद के भोंट थाना क्षेत्र के रायपुर गांव निवासी लालता प्रसाद गंगवार के हाथों बेच दिया। लालता प्रसाद द्वारा फूला से शादी की गई जिनसे फूला को एक पुत्र हुआ, जिसका नाम सोमपाल (34) है। फूला अपना परिवार तलाश रही है। आजमगढ़ की बात कर रही है।
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सूचना मिलने पर एसपी सिटी ने मामले को गंभीरता से लिया इसके बाद एक टीम गठित कर दी। गठित टीम द्वारा जनपद रामपुर जाकर फूलमती को जनपद में लाया गया। पुलिस ने फूला से पूछताछ किया तो उसने बताया कि उसके मामा का नाम रामचंदर है जो चूंटीदार में रहते हैं। इनके घर के आंगन में एक कुंआ हैं। पुलिस इतनी सूचना लेकर चूंटीदार गांव व इससे मिलते-जुलते नाम के गांव की तलाश आजमगढ़ के साथ ही आस-पास के जिलों में तलाश किया गया। पुलिस ने जांच में पाया कि चूंटीदार गांव जनपद मऊ के दोहरीघाट थाने में हैं।
पुलिस द्वारा फूलमती द्वारा बताए गए स्थान के बारे में और अधिक जानकारी व खोजबीन करते हुए फूला के मामा के घर पर पहुंचा गया जहां फूला के तीन मामा में से एक मामा रामहित पुत्र पांचू अभी जिंदा हैं। इनके द्वारा फूला के गुमशुदी की पुष्टि करते हुए बताया गया कि फूला का एक भाई भी है जिसका नाम लालधर है, जो आजमगढ़ के रौनापार थाना क्षेत्र के वेदपुर में रहता है। पीड़िता के भाई से इस बात को पूछने पर उसके द्वारा गुमशुदा होने की बात को स्वीकारा गया। फूला को उसके परिवार वालों से मिलाया गया जिससे फूला व उसके परिवार वालों के चेहरे पर खुशी की लहर है।