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आजमगढ़ जहरीली शराब कांड: इलाज के दौरान एक और युवक की मौत, अब तक 15 ने गंवाई जान, कई भर्ती

Wed, 23 Feb 2022 12:27 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़ Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 23 Feb 2022 12:27 PM IST
सार

आजमगढ़ के माहुल कस्बे में जहरीली शराब का कहर जारी है। बुधवार तड़के एक और युवक की मौत के साथ ही मृतकों की कुल संख्या 15 तक पहुंच गई है। 

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sharab kand Azamgarh one more youth died due to Poisonous Liquor 15 people lost their lives so far,
आजमगढ़ जहरीली शराब कांड: मृतकों के घर में मचा कोहराम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आजमगढ़ में जहरीली शराब का तांडव अभी खत्म नहीं हुआ है। बुधवार तड़के इलाज के दौरान एक और युवक की मौत हो गई। इसके साथ ही जहरीली शराब से मृतकों की कुल संख्या 15 तक पहुंच गई है। हालांकि प्रशासन अभी तक इस कांड में सात लोगों की मौत ही स्वीकार कर रहा है।

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इस मामले में अहरौला थाने और फूलपुर कोतवाली में पांच मुकदमे दर्ज कर नौ लोगों को नामजद किया गया है। दो को गिरफ्तार और चार को हिरासत में लिया गया है। प्रकरण की जांच व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ग्रामीण सिद्धार्थ के नेतृत्व में चार टीमें बनाई गई हैं।
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मंगलवार को चार लोगों की हुई थी मौत
अहरौला थाना क्षेत्र के माहुल कस्बा स्थित देसी शराब की दुकान से रविवार रात जहरीली शराब बेची गई थी। जिसे पीने से 60 से अधिक लोग बीमार हुए थे। इलाज के दौरान सोमवार को 10 तो मंगलवार को चार लोगों ने जहरीली शराब के सेवन से दम तोड़ दिया था। वहीं बुधवार तड़के भी एक युवक ने जिला मुख्यालय स्थित प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

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प्राइवेट अस्पताल में भर्ती था युवक

मृतक के पिता सुरेश कुमार ने अहरौरा थाने पर दी तहरीर में बताया कि उसके पुत्र ने भी माहुल शराब ठेके से 20 फरवरी को शराब लिया था। जिसे पीने के बाद उसकी हालत खराब हुई तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने रेफर कर दिया।

जिसके बाद उसे आजमगढ़ स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान बुधवार तड़के उसकी मौत हो गई। मृतक गांव में पंचायत मित्र था और दो पुत्रियों का पिता था। घटना की सूचना घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पिता ने पुलिस को दी तहरीर में शव का पोस्टमार्टम कराये जाने की मांग की है। 

शराब कांड में ज्यादातर लोगों की मौत घर पर

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आजमगढ़ जहरीली शराब कांड: जिला अस्पताल परिसर में तैनात फोर्स - फोटो : अमर उजाला

दरअसल, शराब कांड में ज्यादातर लोगों की मौत घर पर ही हुई है। इनमें से आठ लोगों का परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही अंतिम संस्कार भी करवा दिया। इन आठ लोगों की जहरीली शराब से मौत होने की बात प्रशासन नहीं मान रहा है। इसके अलावा प्रशासन एक की मौत की वजह हार्ट अटैक बता रहा है। जबकि, जान गंवाने वाले सभी 15 लोगों के परिजनों का कहना है कि उन्होंने देसी शराब की दुकान से खरीदी गई शराब पी थी। जहरीली शराब पीने की वजह से ही मौत हुई है।

सोता रहा महकमा, बिछती रही लाशें

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ग्रामीणों ने किया रोड जाम। - फोटो : अमर उजाला

शराब के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी जिस विभाग की है, वह अपनी जिम्मेदारी से बेखबर रहा। रविवार की रात अहरौला क्षेत्र में लोगों के लिए मातम की रात बन गई। एक तरफ जहरीली शराब के सेवन से घरों में लाशें बिछती रहीं वहीं, आबकारी विभाग बेखबर रहा।

सूत्रों की माने तो घटना की जानकारी आबकारी विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को सोमवार की सुबह हुई, जब क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में सात लोगों की मौत हो चुकी थी। दर्जनभर लोग जहरीली शराब के सेवन के चलते अस्पताल में भर्ती हो गए।

आबकारी महकमा कभी भी इस कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सक्रिय नहीं हो सका। अब तक जिले में जितनी भी बड़ी शराब की बरामदगी या गिरफ्तारी हुई, वह सभी नागरिक पुलिस के खाते में दर्ज है। देवारांचल क्षेत्र में कच्ची शराब का धंधा संबंधित विभाग एवं राजनीतिक संरक्षण के चलते फलफूल रहा है।

हकीकत यह है कि इस धंधे में सभी की चांदी कटती है तो फिर कारोबार पर अंकुश कैसे लग सकता है। हालात यह है कि अहरौला क्षेत्र के कई गांवों में अवैध शराब का धंधा खूब होता है। उन गांव के लोगों का कहना है कि इस धंधे से जुड़े लोग आबकारी और पुलिस विभाग को माहवार रकम देकर धड़ल्ले से इस धंधे को करते हैं।

कभी-कभी छोटे कारोबारियों को पकड़कर पुलिस अपना कोरम पूरा करती है। लोगों का आरोप है कि मादक पदार्थ जैसे कच्ची शराब, ताड़ी और गांजा के धंधे पर अंकुश लगाने के लिए जिम्मेदार विभाग अपनी सक्रियता दिखाता तो इतनी लाशें नहीं गिरतीं।

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