Sawan 2023: बाबा भंवरनाथ पूरी करते हैं हर भक्त की मनोकामना, सावन में यहां लगता है भक्तों का रेला
आजमगढ़ शहर से मात्र तीन किमी दूर स्थित बाबा भंवरनाथ का दरबार सजता है। भक्त बड़ी आशा से बाबा के दरबार में मत्था टेकने के लिए आते हैं और बाबा अपने भक्तों की हर मुराद को पूरी करते हैं। सावन के महीने में बाबा की अपने भक्तों पर खास कृपा होती है।
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बाबा भंवरनाथ आजमगढ़ के लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र हैं। वैसे तो प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालुओं द्वारा बाबा का श्रृंगार किया जाता है। वहीं सावन और शिवरात्रि पर यहां बाबा भक्तों का बड़ा रेला उमड़ता है। मान्यता है कि बाबा के दरबार में जलाभिषेक से भक्त की हर मुराद पूरी होती है। सावन के महीने में बाबा की अपने भक्तों पर खास कृपा होती है।
देश-विदेश में स्थापित शिवलिंगों में जहां काठमांडू के बाबा पशुपतिनाथ, काशी के बाबा विश्वनाथ और देवघर के बाबा बैजनाथ धाम का विशेष महत्व माना जाता है। उसी तरह आजमगढ़ व आसपास के जिले के लोगों के लिए बाबा भंवरनाथ के दर्शन-पूजन का खास महत्व है। आजमगढ़ शहर से मात्र तीन किमी दूर स्थित बाबा भंवरनाथ का दरबार सजता है।
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बाबा भंवरनाथ मंदिर की मान्यता और कहानी
भक्त बड़ी आशा से बाबा के दरबार में मत्था टेकने के लिए आते हैं और बाबा अपने भक्तों की हर मुराद को पूरी करते हैं।मान्यता है कि जो सावन के पांच सोमवर व्रत रखते हुए बाबा का जलाभिषेक करता है उसकी हर मुराद पूरी होती है। लोगों का कहना है कि बहुत समय पहले यहां चरवाहे अपने पशुओं का चराने के लिए आए थे।
इस दौरान भौरों ने उन्हें काटना शुरू कर दिया। तभी एक व्यक्ति ने देखा कि सारे भौरें जमीन से निकल रहे हैं। इसके बाद चरवाहों ने उस स्थान की खुदाई शुरू की तो वहां से शिवलिंग प्रकट हुआ। जिसे यहां स्थापित किया गया। तभी से इस स्थान का नाम भंवरनाथ पड़ गया है।
मान सिंह ने कहा कि हम अंबेडकर नगर जनपद के रहने वाले हैं। हमारी इस मंदिर के प्रति अगाध श्रद्घा है। हम बचपन से ही इस मंदिर में बाबा के दर्शन को आते रहे हैं। कहा जाता है कि बाबा सारे भक्तों की मुराद पूरी करते हैं। वहीं आशीष कुमार मौर्य ने कहा कि बाबा की कृपा से हमारे हर काम आसानी से हो जाते हैं। इसलिए जब भी आजमगढ़ आते हैं बाबा का दर्शन करना नहीं भूलते।
साल के 12 महीने यहां भक्तों का तांता
मंदिर के पुजारी अभिनंदन पांडेय ने कहा कि बाबा भंवरनाथ जमीन से निकले हैं। मान्यता है कि सावन महीने में सोमवार को बाबा का जलाभिषेक करने से वह अपने भक्त की सारी मुराद पूरी करते हैं। वैसे तो प्रतिदिन एक हजार से 1200 लोग बाबा के दर्शन पूजन को आते हैं। लेकिन सावन में भक्तों की संख्या दो हजार से ज्यादा तक पहुंच जाती है।