फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Rotting of five million fake notes in malkhana

मालखाने में सड़ रहे पांच लाख के नकली नोट

Mon, 16 Mar 2015 11:35 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Mon, 16 Mar 2015 11:35 PM IST
विज्ञापन
Rotting of  five million fake notes in malkhana
नकली नोटों के सप्लायरों को गिरफ्तार कर पीठ थपथपाने वाली पुलिस आगे की कार्रवाई भूल जाती है। पुलिस की लापरवाही का परिणाम है कि जिले के विभिन्न थानों के मालखानों में करीब पांच लाख रुपये नकली करेंसी सड़ रही है लेकिन किसी भी थाने की पुलिस ने जांच करवाना मुनासिब नहीं समझा।
विज्ञापन


इसका फायदा जहां आरोपियों की रिहाई में मिला, वहीं जेल से बाहर निकलने के बाद पुन: यह लोग अपने धंधे से जुड़ गए। फूलपुर कोतवाली पुलिस द्वारा गत दिनों 1.65 लाख रुपये नकली नोट के साथ गिरफ्तार हुआ आरोपी सफीक अहमद इसका बेहतर उदाहरण है।
विज्ञापन


गंभीरपुर थाने के कमरावां गांव निवासी मोहम्मद सफीक अहमद 28 फरवरी की रात नकली नोटों की सप्लाई करने जा रहा था। फूलपुर कोतवाली पुलिस ने उसे मुड़ियार मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया था। तलाशी के दौरान सफीक के पास से 1.65 लाख रुपये के नकली नोट बरामद हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस रिकार्ड के मुताबिक, सफीक इससे पूर्व सात फरवरी 2009 को मुबारकपुर थाने की पुलिस द्वारा सलारपुर गांव के पास से गिरफ्तार किया गया था। तत्कालीन एसओ मुबारकपुर संतोष शर्मा ने शफीक सहित दो अन्य आरोपियों के पास से 19100 रुपये नकली नोट बरामद किया था।

13 अगस्त 2010 को गंभीरपुर थाने के तत्कालीन एसओ पंकज सिंह ने 13 हजार रुपये के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था। जबकि वर्ष 2011 में वह फूलपुर कोतवाली पुलिस के हत्थे 31 हजार रुपये के साथ पकड़ा गया था लेकिन पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपी का चालान कर मौन साध गई। इस लापरवाही का फायदा आरोपी को मिलता गया।

जिले में नकली नोट मिलने के मामले में पुलिस की लापरवाही का फायदा न केवल सफीक बल्कि इस अपराध से जुड़े गिरफ्तार अन्य आरोपियों को भी मिल रहा है। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक वर्ष 2009 से अब तक करीब पांच लाख रुपये से अधिक की नकली नोटों के साथ करीब 15 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

जांच रिपोर्ट से तय होती है सजा ः कोतवाल फूलपुर आरपी सिंह ने बताया कि मिले नकली नोटों की मजिस्ट्रेट के समक्ष डाकेट तैयार होता है। फिर सीओ के नेतृत्व में सभी नोट जांच के लिए महाराष्ट्र के नासिक स्थित भारतीय करेंसी प्रयोगशाला में भेजे जाते हैं। जहां नोटों की जांचकर रिपोर्ट तैयार की जाती है कि नोट में क्या-क्या गड़बड़ियां हैं। भारतीय नोटों से वह किस प्रकार भिन्न है। इसके आधार पर अदालत आरोपियों की सजा तय करती है। बरामद किए गए 1.65 लाख रुपये के नकली नोट की जांच के लिए डाकेट तैयार किया जा रहा है।


यह बहुत ही गंभीर विषय है कि नकली नोट पकड़ में आने के बाद आरोपियों को सजा दिलवाने के लिए उसकी जांच नहीं करवाई गई है। सभी थानों से रिपोर्ट मंगवाकर नोटों की जांच करवाएंगे। आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। नोट की जांच न करवाने वाले पुलिसवालों के विरुद्ध भी जांचकर कार्रवाई की जाएगी।  - आकाश कुलहरि पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed