चक्रपानपुर (आजमगढ़)। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय ने पांचवें स्थापना दिवस पर शिक्षा, शोध, नवाचार और संस्थागत विकास की उपलब्धियों को सामने रखते हुए भविष्य की विकास यात्रा का रोडमैप प्रस्तुत किया। समारोह में काशी नरेश विश्वविद्यालय भदोही के साथ शैक्षिक समझौता भी हुआ, जबकि कुलपति ने हरित परिसर और नवाचार आधारित शिक्षा को लेकर अपना विजन साझा किया। न्यू फैसिलिटी सेंटर में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि काशी नरेश विश्वविद्यालय भदोही की कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास में विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत कौशल विकास को रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम बताते हुए शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान दोनों विश्वविद्यालयों के बीच शैक्षिक सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) भी संपन्न हुआ। इस समझौते से शोध, शैक्षणिक आदान-प्रदान और नवाचार संबंधी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विवि के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने स्थापना दिवस को आत्ममंथन और नए संकल्पों का अवसर बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर को हरित एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए चलाए जा रहे पौधरोपण अभियान का उल्लेख किया। कहा कि अगले तीन से चार वर्षों में परिसर पूरी तरह हरा भरा दिखाई देगा। स्थापना दिवस समारोह के दौरान पौधरोपण, फोटो गैलरी एवं पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा विश्वविद्यालय की विकास यात्रा पर आधारित कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। आनंद कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया तथा राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।