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सहरी-अफ्तार की घर-घर होने लगी तैयारी
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शहर के कुर्मी टोला की सड़कों पर लोगों की भीड़।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। 25 या 26 मई से पाक ए रमजान माह की शुरूआत हो रही है। इसे लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने घर-घर तैयारियां शुरू कर दी है। नमाज पढ़ने से लेकर सेहरी व अफ्तार पर बनने वाले व्यंजनों की रणनीति में भी परिवार के लोग जुटे हुए है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार रमजान माह में विशेष सावधानी बरती जा रही है।
रमजान माह इबादत का माह होता है। पूरे महीने पर मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते है। कुरान का पाठ करते है और अल्लाह ताला की इबादत में ही समय बीताते है। पांचों वक्त की नमाज पढ़ने के साथ ही रोजेदार तरावीह की नमाज भी पढ़ते है। सेहरी के साथ रोजे की शुरूआत होती है और पूरे दिन बिना कुछ खाये-पीये मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते है। प्रतिदिन शाम में अफ्तार के साथ रोजा का एक दिन संपन्न होता है। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार रमजान माह में विशेष सावधानी बरतने की रणनीति मुस्लिम धर्मगुरू व जिला प्रशासन ने बैठक कर तय किया है। जिसके अनुसार मस्जिदों के बजाए रोजेदार घर पर ही पांचों वक्त की नमाज के साथ ही तरावीह पढ़ेंगे। घर पर ही अल्लाह ताला की इबादत करेंगे। जिसे लेकर हर परिवार अपनी तैयारियों में जुट गया है। रमजाद के दौरान घर पर इबादत के स्थान चिन्हित कर लिये गये है और विशेष साफ-सफाई करायी जा रही है तो वहीं परिवार की महिलाएं सेहरी व अफ्तार में बनने वाले पकवारों की सूची तैयार कर उसके लिए जरूरी सामान की पर्ची बना बाजार से मंगवाने अथवा लाने में जुटी हुई है। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र के बाजारों में बृहस्पतिवार को अच्छी खासी भीड़ जरूरी सामानों की खरीद को उमड़ी नजर आयी।
कोरोना एडवाइजरी के अनुरूप कवायद की अपील
अमिलो/फूलपुर। रमजान को लेकर मौलाना अबुशाद कासमी ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील किया है कि इस पाक ए रमजान माह कोरोना संक्रमण के बीच शुरू हुआ है। ऐसे में हमे कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुरूप ही इस पाक माह में घर पर ही रह कर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए नमाज व तरावीह की नमाज अदा करनी चाहिए। सेहरी व अफ्तार में न तो किसी को बुलाये न ही किसी के यहां जाये। परिवार के साथ ही सेहरी व अफ्तार करें लेकिन इसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करें। ताकि हम कोरोना संक्रमण से मजबूती के साथ लड़ सके। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील किया कि इस पाक माह में देश से कोरोना संक्रमण के खात्मे के लिए दुआ करें, ताकि यह संक्रमण जल्द से जल्द पूरी तरह से समाप्त हो सके। मौलाना अबुल कासिम ने बताया कि इस बार पहला रोजा लगभग चौदह घंटे 23 मिनट का और सबसे लंबा रोजा आखिरी दिन का चौदह घंटे 59 मिनट का होगा। फूलपुर के चमावां गांव के इमामे जुमा मौलाना वसी मुहम्मद खां ने शिया समुदाय के सभी मुसलमानों से अपील किया हे कि कोरोना संकट को देखते हुए रमजान माह में लॉक डाउन व सामाजिक दूरी का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने कहा कि जिस तरह शब ए बारात में हमने कब्रिस्तान के बजाए घरों पर ही इबादत कर अपने गुनाहों के लिए अल्ला ताला से माफी मांगी, वैसे ही अब पाक ए रमजान माह में भी घर पर ही नमाज अदा करने के साथ ही अल्लाह की इबादत करें और इस कोरोना संक्रमण के मुक्ति के लिए दुआ पढ़े। उन्होंने गरीबों में जकात बांटने का भी अनुरोध किया।
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रमजान माह इबादत का माह होता है। पूरे महीने पर मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते है। कुरान का पाठ करते है और अल्लाह ताला की इबादत में ही समय बीताते है। पांचों वक्त की नमाज पढ़ने के साथ ही रोजेदार तरावीह की नमाज भी पढ़ते है। सेहरी के साथ रोजे की शुरूआत होती है और पूरे दिन बिना कुछ खाये-पीये मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते है। प्रतिदिन शाम में अफ्तार के साथ रोजा का एक दिन संपन्न होता है। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार रमजान माह में विशेष सावधानी बरतने की रणनीति मुस्लिम धर्मगुरू व जिला प्रशासन ने बैठक कर तय किया है। जिसके अनुसार मस्जिदों के बजाए रोजेदार घर पर ही पांचों वक्त की नमाज के साथ ही तरावीह पढ़ेंगे। घर पर ही अल्लाह ताला की इबादत करेंगे। जिसे लेकर हर परिवार अपनी तैयारियों में जुट गया है। रमजाद के दौरान घर पर इबादत के स्थान चिन्हित कर लिये गये है और विशेष साफ-सफाई करायी जा रही है तो वहीं परिवार की महिलाएं सेहरी व अफ्तार में बनने वाले पकवारों की सूची तैयार कर उसके लिए जरूरी सामान की पर्ची बना बाजार से मंगवाने अथवा लाने में जुटी हुई है। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र के बाजारों में बृहस्पतिवार को अच्छी खासी भीड़ जरूरी सामानों की खरीद को उमड़ी नजर आयी।
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कोरोना एडवाइजरी के अनुरूप कवायद की अपील
अमिलो/फूलपुर। रमजान को लेकर मौलाना अबुशाद कासमी ने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील किया है कि इस पाक ए रमजान माह कोरोना संक्रमण के बीच शुरू हुआ है। ऐसे में हमे कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी के अनुरूप ही इस पाक माह में घर पर ही रह कर सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए नमाज व तरावीह की नमाज अदा करनी चाहिए। सेहरी व अफ्तार में न तो किसी को बुलाये न ही किसी के यहां जाये। परिवार के साथ ही सेहरी व अफ्तार करें लेकिन इसमें भी सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करें। ताकि हम कोरोना संक्रमण से मजबूती के साथ लड़ सके। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों से अपील किया कि इस पाक माह में देश से कोरोना संक्रमण के खात्मे के लिए दुआ करें, ताकि यह संक्रमण जल्द से जल्द पूरी तरह से समाप्त हो सके। मौलाना अबुल कासिम ने बताया कि इस बार पहला रोजा लगभग चौदह घंटे 23 मिनट का और सबसे लंबा रोजा आखिरी दिन का चौदह घंटे 59 मिनट का होगा। फूलपुर के चमावां गांव के इमामे जुमा मौलाना वसी मुहम्मद खां ने शिया समुदाय के सभी मुसलमानों से अपील किया हे कि कोरोना संकट को देखते हुए रमजान माह में लॉक डाउन व सामाजिक दूरी का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने कहा कि जिस तरह शब ए बारात में हमने कब्रिस्तान के बजाए घरों पर ही इबादत कर अपने गुनाहों के लिए अल्ला ताला से माफी मांगी, वैसे ही अब पाक ए रमजान माह में भी घर पर ही नमाज अदा करने के साथ ही अल्लाह की इबादत करें और इस कोरोना संक्रमण के मुक्ति के लिए दुआ पढ़े। उन्होंने गरीबों में जकात बांटने का भी अनुरोध किया।
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