अतरौलिया/लाटघाट। लॉक डाउन में श्रमिकों को उनके घर के पाल काम मुहैया कराने के लिए सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत काम शुरू कराया जा रहा है। वहीं, कई ऐसे गांव हैं जहां मनरेगा के तहत काम नहीं मिलने पर मजदूरों ने ब्लाक का घेराव और प्रदर्शन किया। शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में ग्राम पंचायत देहुला और भरसानी गांव के श्रमिक फावड़ा और तसला लेकर अतरौलिया ब्लाक पहुंचे और घेराव किया। इसमें महिलाएं भी शामिल रहीं। प्रधान पर आरोप लगाया कि मनरेगा योजना के तहत गांव में हम लोगों को काम नहीं करने दे रहे हैं। वहीं श्रमिकों के एक जगह इकट्ठा होने से सोशल डिस्टेंसिंग पूरी तरह से फेल हो गया। श्रमिकों ने प्रभारी बीडीओ अतरौलिया अली अहमद अंसारी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। ग्राम पंचायत अधिकारी सुशील यादव ने बताया कि श्रमिकों को अगर गांव में मनरेगा के तहत काम नहीं मिल रहा है तो यह प्रधान की कमी है।
वहीं, हरैया के रैचंदपट्टी गांव के मनरेगा मजदूरों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान के समर्थकों ने उन्हें काम से वापस कर दिया। पोखरी की खुदाई मशीन से करा दी। राजावती, शारदा, जावित्री, चंद्रिका, ज्ञानचंद, नरमी, दीपक, मातम, रेशमी, फिरोज आदि ने प्रदर्शन किया। ग्राम पंचायत अधिकारी राणा सिंह ने कहा कि जानकारी नहीं है। बीडीओ इरशाद अहमद ने कहा कि प्रधानों को पूरी तरह से समझाया गया है। प्रधान मशीन से काम कराने से बाज नहीं आ रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।