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कम बारिश के बाद भी लक्ष्य के करीब हो गई रोपाई

Sat, 20 Aug 2022 12:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 20 Aug 2022 12:18 AM IST
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Planting got close to the target even after less rain
आजमगढ़। मानसून की बेरुखी के कारण इस बार कई जगह खेतों में रोपाई नहीं सकी है। जिन खेतों में पिछली बार धान रोपा गया था उनमें से कई खेत इस बार खाली पड़े हैं। लेकिन कृषि विभाग के आंकड़े पर गौर करें तो जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 95 फीसदी धान की रोपाई हो चुकी है। बाकी बचे पांच फीसदी खेतों में किसानों ने अरहर और मक्के की बुआई कर दी है। जिले में खरीफ की फसल की 2,27,441 हेक्टेयर में बुआई होनी है। जिसमें से 2,10,087 हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य था लेकिन 20 जुलाई तक बारिश न होने के कारण केवल लक्ष्य का बीस प्रतिशत ही रोपाई हो पाई थी। 21 से मौसमी बरसात शुरू हुई तो 31 जुलाई तक होती रही। इसे देखते हुए किसान अपने खेतों में धान रोपे। 10 दिन में 45 फीसद रोपाई होने से जिले में धान की रोपाई 65 फीसद तक पहुंच गई। जुलाई माह में 21 को 29.25 मिमी, 22 को 13.22 मिमी, 30 को 21.72 मिमी और 31 को 6.29 मिमी बारिश हुई। अगस्त माह में तो मानसून ने किसानों को पूरी तरह से धोखा दे दिया। तीन- चार दिन के अंतर पर कहीं- कहीं 5 से 6 मिमी ही बारिश हो रही है। धूप के कारण प्रतिदिन अधिकतम तापमान 35 से 36 व न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। तापमान बढ़ने से खेतों की नमी गायब हो जा रही है। अपनी फसलों को बचाने में किसान जद्दोजहद कर रहे हैं। 15 अगस्त कर जिले में 51 मिमी. बारिश हुई। इतनी कम बारिश में विभाग 30 फीसद धान की रोपाई कर लक्ष्य के करीब पहुंच गया। विभाग के अनुसार जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 95 फीसद धान की रोपाई हो चुकी है। लक्ष्य के बचे हिस्से में किसानों ने धान की जगह मक्का व अरहर की बुआई कर दिया। जबकि स्थलीय हकीकत कुछ और ही है। कई क्षेत्रों में जिस खेत में पिछली बार धान की अच्छी फसल हुई थी। वह खेत इस बार खाली रह गए हैं। पवई ब्लाक के शाहमर्दानपुर व मरहट गांव में किसान पानी के अभाव में धान की रोपाई नहीं कर पाए। इसी प्रकार पल्हनी ब्लाक के बद्दोपुर गांव में इस बार धान की रोपाई नहीं हो पाई है। जहां पर धान की रोपाई हुई है। किसानों को फसलों को बचाना मुश्किल हो गया है। जिसके पास संसाधन हैं वह तो किसी प्रकार महंगा डीजल खरीदकर फसल की सिंचाई कर रहा है। लेकिन कई जगहों पर तो धान की फसल पीली हो गई है।
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पिछले तीन साल की वर्षा की स्थिति
माह/वर्ष- 2021- 2022
जून- 187.26- 30.43
जुलाई- 74.02- 116.96
अगस्त- 188.13- 51.00
नोट- बरसात के आंकड़े मिमी. में हैं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. गगनदीप सिंह ने बताया कि पिछली बार की अपेक्षा इस बार बरसात कम हुई है लेकिन जुलाई के अंत में अच्छी बरसात होने से किसान 65 फीसद धान की रोपाई किए। इसके बाद अगस्त में 30 फीसद धान की रोपाई होने के साथ ही जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 95 फीसद रोपाई हो गई है। बचे खेतों में किसानों ने मक्का व अरहर की बुआई कर दी है।
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