{"_id":"35763e9dae67e3ba423cb08ce11c70f7","slug":"not-to-mess-with-the-indian-culture-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"'भारतीय संस्कृति से खिलवाड़ ठीक नहीं'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'भारतीय संस्कृति से खिलवाड़ ठीक नहीं'
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Sat, 20 Feb 2016 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्लाक क्षेत्र के दौलताबाद गांव में 51कुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ के आठवें दिन वाराणसी से पधारे डा. मदन मोहन मिश्र ने कहा कि जो मानव अपने माता-पिता की कहना नहीं मानते वह राक्षस कहलाते हैं।
देश की संस्कृति पर जो कुठाराघात करेगा, उसका परिणाम अच्छा नहीं होगा, यह सनातन धर्म से भारत वंश का इतिहास रहा है। कहा कि रावण अगर अपने देश की संस्कृति सीता को नहीं चुराता तो उसका सर्वनाश नहीं होता, इसलिए भारत की संस्कृति से जो खिलवाड़ करेगा, उसका सर्वनाश तय है।
झांसी से आई रश्मि शास्त्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति की रक्षा हमारी सनातन धर्म से होती आ रही है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी ने रामचरित मानस में बताया कि हमारे यहां तो भारतीय संस्कृति की रक्षा और महिला के सम्मान में पक्षी तक अपनी जान गवां दिए हैं।
विज्ञापन
विंध्याचल से पधारे अमरनाथ ने मानस पाठ पढ़ाया। उधर यज्ञ में सुबह से हवनकुंड की परिक्रमा को भक्तों का तांता लगा रहा। सभी ने मंडप परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। श्रीश्री 1008 त्रिभुवन दास ने कहा कि 22 फरवरी को हवन और 23 को भंडारे का आयोजन होगा।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में भंडारे में पहुंचने का अनुरोध किया। इस मौके पर पप्पू सिंह, अजय सिंह, भालचंद, कुन्नू सिंह, नन्हें, दिनेश सिंह, विरेंद्र सिंह, नगेंद्र सिंह, रमेश सिंह, अखिलेश यादव, ब्रम्हदेव सिंह, यशवंत सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
देश की संस्कृति पर जो कुठाराघात करेगा, उसका परिणाम अच्छा नहीं होगा, यह सनातन धर्म से भारत वंश का इतिहास रहा है। कहा कि रावण अगर अपने देश की संस्कृति सीता को नहीं चुराता तो उसका सर्वनाश नहीं होता, इसलिए भारत की संस्कृति से जो खिलवाड़ करेगा, उसका सर्वनाश तय है।
विज्ञापन
झांसी से आई रश्मि शास्त्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति की रक्षा हमारी सनातन धर्म से होती आ रही है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी ने रामचरित मानस में बताया कि हमारे यहां तो भारतीय संस्कृति की रक्षा और महिला के सम्मान में पक्षी तक अपनी जान गवां दिए हैं।
विज्ञापन
विंध्याचल से पधारे अमरनाथ ने मानस पाठ पढ़ाया। उधर यज्ञ में सुबह से हवनकुंड की परिक्रमा को भक्तों का तांता लगा रहा। सभी ने मंडप परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। श्रीश्री 1008 त्रिभुवन दास ने कहा कि 22 फरवरी को हवन और 23 को भंडारे का आयोजन होगा।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में भंडारे में पहुंचने का अनुरोध किया। इस मौके पर पप्पू सिंह, अजय सिंह, भालचंद, कुन्नू सिंह, नन्हें, दिनेश सिंह, विरेंद्र सिंह, नगेंद्र सिंह, रमेश सिंह, अखिलेश यादव, ब्रम्हदेव सिंह, यशवंत सिंह आदि मौजूद रहे।