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Azamgarh News: नगर पंचायत कार्यालय पर पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप
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फूलपुर। नगर पंचायत पर एक स्थानीय नागरिक ने पैतृक भूमि पर वर्षों से अवैध कब्जा जमाए रखने का आरोप लगाया है। कस्बा निवासी ज्वाला प्रसाद पांडेय का कहना है कि उनकी निजी संपत्ति पर नगर पंचायत कार्यालय संचालित किया जा रहा है, जबकि यह कार्यालय अस्थायी रूप से कुछ समय के लिए उनके भवन में शिफ्ट किया गया था।
ज्वाला प्रसाद पांडेय ने बताया कि फूलपुर कस्बे में स्थित भूमि उनके नाम दर्ज है। उन्होंने 2008 से पहले इस भूमि पर कमरा बनवाया था। उसी दौरान शंकर जी गली से टाउन एरिया कार्यालय हटाया गया और अस्थायी रूप से उनके कमरे में नगर पंचायत कार्यालय शिफ्ट कर दिया गया था। उस समय यह सहमति बनी थी कि अन्यत्र भवन उपलब्ध होने पर कार्यालय को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
ज्वाला का दावा है कि उन्होंने जब-जब नगर पंचायत से अपना भवन खाली करने की मांग की, तो वर्ष 2008, 2009 और 2010 में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी टीएन चौबे ने उन्हें लिखित रूप से आश्वस्त किया कि नए भवन की तलाश की जा रही है और उपलब्ध होते ही भवन खाली कर दिया जाएगा। लेकिन, आज 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत कार्यालय उसी भवन में संचालित है।
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उन्होंने कहा कि इसको लेकर जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष राम आशीष बरनवाल का कहना है कि नगर पंचायत का कार्यालय किसी निजी संपत्ति पर नहीं, बल्कि सरकारी भूमि पर स्थित है। इस भवन का शिलान्यास वर्ष 1986 में तत्कालीन जिलाधिकारी अशोक प्रियदर्शी द्वारा किया गया था और वर्ष 1987 में जिलाधिकारी श्याम नारायण त्रिपाठी द्वारा उद्घाटन किया गया था।
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ज्वाला प्रसाद पांडेय ने बताया कि फूलपुर कस्बे में स्थित भूमि उनके नाम दर्ज है। उन्होंने 2008 से पहले इस भूमि पर कमरा बनवाया था। उसी दौरान शंकर जी गली से टाउन एरिया कार्यालय हटाया गया और अस्थायी रूप से उनके कमरे में नगर पंचायत कार्यालय शिफ्ट कर दिया गया था। उस समय यह सहमति बनी थी कि अन्यत्र भवन उपलब्ध होने पर कार्यालय को वहां स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
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ज्वाला का दावा है कि उन्होंने जब-जब नगर पंचायत से अपना भवन खाली करने की मांग की, तो वर्ष 2008, 2009 और 2010 में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी टीएन चौबे ने उन्हें लिखित रूप से आश्वस्त किया कि नए भवन की तलाश की जा रही है और उपलब्ध होते ही भवन खाली कर दिया जाएगा। लेकिन, आज 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर पंचायत कार्यालय उसी भवन में संचालित है।
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उन्होंने कहा कि इसको लेकर जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक कई बार शिकायत की गई, लेकिन आज तक कोई सार्थक कार्रवाई नहीं हुई है। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष राम आशीष बरनवाल का कहना है कि नगर पंचायत का कार्यालय किसी निजी संपत्ति पर नहीं, बल्कि सरकारी भूमि पर स्थित है। इस भवन का शिलान्यास वर्ष 1986 में तत्कालीन जिलाधिकारी अशोक प्रियदर्शी द्वारा किया गया था और वर्ष 1987 में जिलाधिकारी श्याम नारायण त्रिपाठी द्वारा उद्घाटन किया गया था।