आजमगढ़। जिले में 15 जून से मानसून की दस्तक मानी जा रही है, लेकिन नगर पालिका प्रशासन अब तक उन इलाकों में भी नालों की सफाई पूरी नहीं करा पाया है जहां हर साल भारी जलभराव होता है। नगर के कुल 56 नालों में से अब तक महज 15 नालों की सफाई का कार्य ही पूरा हो सका है। मानसून आने में अब महज 9 दिन का समय शेष है, ऐसे में नगर पालिका का दावा है कि समय रहते काम पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, काम की मौजूदा धीमी रफ्तार को देखते हुए मानसून से पहले सभी नालों को साफ करना लगभग असंभव लग रहा है। शनिवार की दोपहर हुई हल्की बारिश ने ही प्रशासन के दावों की पोल खोल दी। नगर के पुलिस लाइन गेट पर नाला चोक होने के कारण गंदा पानी सड़क पर बहने लगा। शहर के निचले इलाकों जैसे कोलघाट, कोल बाजबहादुर, बदरका, पहाड़पुर, हरबंशपुर, रैदोपुर, मातबरगंज, एसकेपी स्कूल के पास और दलालघाट हर वर्ष जलभराव की गंभीर मार झेलते हैं। इस साल नालों की सफाई के लिए नगर पालिका की ओर से 22 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
2022 में एक महीने तक पानी में डूबा रहा कोल घाट और कोल बाज बहादुर : जनपद में 2022 में हुई बारिश को शायद कोलघाट और कोल बाजबहादुर के लोग भूल गए। यह दोनों की शहर से सटे इलाके हैं। नाले की सफाई न होने और जगह-जगह अवैध कब्जे के कारण पूरा कोलघाट और कोलघाट डूब गया।

सिविल लाइन मोहल्ले में कूड़े से पटा पड़ा नाला।