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पानी भरे कमरे में किया एमडीएम!

Thu, 21 Sep 2017 12:13 AM IST
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला Updated Thu, 21 Sep 2017 12:13 AM IST
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MDM done in a room filled with water!
मिड-डे मील - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
लाटघाट।सगड़ी तहसील के देवारा क्षेत्र में बाढ़ के कारण नौ अगस्त से 10 सितंबर तक लगभग 28 विद्यालय बंद रहे। इस दौरान बच्चे तो बच्चे अध्यापक भी विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे थे। सभी स्कूलों में पानी भरा था। आने जाना के लिए नाव का ही सहारा था।
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इसके बाद भी बाढ़ के दिनों में कई स्कूलों में पंजीकृत सभी बच्चों ने मिड-डे मील ग्रहण किया। इसका खुलासा विद्यालयों की ओर से बीआरसी केंद्र हरैया को उपलब्ध कराई गई मिड-डे मील की अगस्त की सूची से हुआ है। इसमें ऐसे स्कूल भी शामिल हैं जो बाढ़ में पूरी तरह घिरे हुए थे।
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सगड़ी तहसील के हरैया ब्लाक में महुला-गढ़वल बांध के उत्तर में 10 उच्च प्राथमिक और 18 प्राथमिक विद्यालय हैं। एक-दो को छोड़कर सभी विद्यालय घाघरा नदी के आई बाढ़ के कारण नौ अगस्त से 10 सितंबर तक पूर्ण रूप से बंद थे।
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बाढ़ के कारण ग्रामीण की नाव से किसी तरह संपर्क मार्गों तक पहुंच पाते थे, बच्चे कैसे स्कूल गए ये समझ से परे है। 15 अगस्त को सिर्फ प्रधानाध्यापकों ने किसी तरह से स्कूल पहुंच ध्वजारोहण किया। फिर भी कई विद्यालयों में इस दिन भी पंजीकृत सभी बच्चों ने मिड-डे मील खाया ऐसा सूची में दिखाया गया है।

मध्याह्न भोजन बच्चों को उस समय कराया गया, जब स्कूलों में कमर भर पानी भरा था। प्राथमिक विद्यालय सोनौरा में अगस्त महीने में 12 दिन मध्याह्न भोजन  150 बच्चों को कराया गया है। इसमें दो दिन अवकाश भी रहा। अब ये स्कूल अगस्त में 14 दिन तक कैसे खुला रहा ये समझ से परे है।

आराजी अजगरा मगर्वी सेकेंड में भी 163 बच्चों को 12 दिन मध्याह्न भोजन कराया गया है। झनझनपुर में 10 दिन भोजन दिखाया गया है, जबकि विद्यालय काफी निचले क्षेत्र में हैं, जहां पहले पानी भर जाता है। हालांकि इस संबंध में प्राथमिक विद्यालय सोनौरा की प्रधानाध्यापक प्रेमशीला ने बताया कि हमने 15 अगस्त को भी भोजन बनवाया था।


प्राथमिक विद्यालय झंनझनपुर के प्रधानाध्यापक आशुतोष कुमार ने कहा कि हमारा विद्यालय चल रहा था।


जूनियर हाईस्कूल देवारा खास राजा में अगस्त माह में 13 दिन मध्याह्न भोजन दिखाया गया है। देवरा अचल नगर में 11 दिन, सहबदिया सुल्तानपुर में 17 दिन भोजन दिखाया गया है। इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारी हरैया जनार्दन यादव ने कहा कि यदि इस तरह की सूची दी गई है तो ये घोर अनियमितिता है। मामले की जांच करा कार्रवाई की जाएगी।
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