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Azamgarh News: पशु होने लगे संक्रमित, पशुपालकों की चौखट तक नहीं पहुंचीं टीमें

Tue, 04 Aug 2026 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 04 Aug 2026 12:15 AM IST
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Livestock are getting infected; teams have not reached the doorsteps of livestock owners.
मकरहा स्थित गोशाला में बंधे पशु। संवाद
पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव के लिए चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान अभी तक कागजों तक सीमित नजर आ रहा है। कस्बों से लेकर गांवों तक पशुपालक टीकाकरण में लगी टीमों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, विभाग अभी तक 85 हजार पशुओं के टीकाकरण का दावा कर रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने सोमवार को टीकाकरण अभियान की हकीकत की पड़ताल की। इस दौरान पशुपालकों ने बताया कि उनके यहां न तो कोई टीम पहुंची और न ही टीकाकरण को लेकर कोई सूचना दी गई।
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शहर से सटे दौलतपुर, शाहगढ़ खुजिया, सीहीं, समेदा, बद्दोपुर, हाफिजपुर, गेलवारा, रानी की सराय आदि क्षेत्रों में अभी तक टीम नहीं पहुंची है। इससे पशुओं का टीकाकरण नहीं हो सका है।
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बरसात के मौसम में पशुओं में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में समय पर टीकाकरण न होने से पशुपालकों की चिंता भी बढ़ रही है। सवाल यह है कि यदि अभियान में जिले की जंबो टीमें लगी हैं तो टीकाकरण कहां हो रहा है। कस्बों से लेकर ग्रामीण इलाकों में टीमों की मौजूदगी क्यों दिखाई नहीं दे रही है।
पशुपालकों के घरों में गाय और भैंस बंधी हैं। वे बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन विभागीय टीमें अभी तक उनकी चौखट तक नहीं पहुंच सकी हैं।
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अतरौलिया की 59 ग्राम पंचायतों में अब भी इंतजार
अतरौलिया। मुंह-खुरपका रोग से पशुओं की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान ब्लॉक में सुस्त रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। 67 ग्राम पंचायतों में से अब तक केवल आठ में ही टीकाकरण हो सका है, जबकि 59 ग्राम पंचायतों के पशुपालक अभी भी टीमों का इंतजार कर रहे हैं।
ब्लॉक के हैदरपुर, गोरहरपुर, पकरडीहा, गनपतपुर, लहनपट्टी, प्रेमापुर, बोधिपट्टी, गोरथानी, भोराजपुर और आमेपुर के पशुपालक टीकाकरण टीमों के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि पैरामेडिकल कर्मचारियों के धरने पर रहने से अभियान प्रभावित हुआ है। फिलहाल विभागीय पशुधन प्रसार अधिकारी रोस्टर के अनुसार टीकाकरण कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ब्लॉक की दोनों गोशालाओं में प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण पूरा कराया जा चुका है। हालांकि, गांवों में अभियान की धीमी गति से पशुपालकों में चिंता बनी हुई है।
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75 गांवों में नहीं पहुंची टीम
बरदह। ठेकमा ब्लॉक क्षेत्र में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) रोग से बचाने के लिए चलाया जा रहा टीकाकरण अभियान धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। पशुपालन विभाग का दावा है कि 86 ग्राम पंचायतों में से 11 ग्राम पंचायतों में लगभग 3900 पशुओं का टीकाकरण पूरा हो चुका है, जबकि 75 गांवों के पशुपालक अभी भी टीमों का इंतजार कर रहे हैं।
विभाग के अनुसार, पसिका, ईरनी, जिवली और हरईरामपुर में संचालित चार बड़ी गोशालाओं में सभी पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है। कुड़िहर, छत्तरपुर, हदिसा, उदियावां, पुरसुणी, घाटमपुर, अहिरौली, भीरा, बिंदउर, सरावां आदि गांवों में अभी तक टीकाकरण का इंतजार है।
ऐसे में विभागीय दावों और जमीनी स्थिति में अंतर को लेकर पशुपालकों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिन गांवों में अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है, वहां तत्काल टीम भेजकर अभियान पूरा कराया जाए, ताकि पशुओं को खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारी से बचाया जा सके।
छतरपुर निवासी राजेंद्र राम की गाय भी बीमारी की चपेट में है, लेकिन गांव में टीकाकरण नहीं कराया गया। इसके अलावा अहिरौली निवासी संतोष राय ने बताया कि उनके पास करीब 20 से 25 गाय और भैंस हैं, लेकिन अब तक किसी भी पशु का टीकाकरण नहीं किया गया है।
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गांवों में नहीं पहुंच सकी टीम
लाटघाट। टीकाकरण अभियान के तहत पशुपालन विभाग ने अजमतगढ़ विकास खंड के काजी की दिगवनिया गोशाला में कुल संरक्षित 116 पशुओं का टीकाकरण कराया है। वहीं क्षेत्र के सुरैना, बलपुर, बैरीड़ाड, बलुआ, फत्तेपुर, दलपतपुर, बनकटिया, कांखभार आदि गांवों के हजारों पशुपालक अभी भी टीकाकरण टीमों का इंतजार कर रहे हैं। उधर, बारिश के मौसम में पशुओं को संक्रामक बीमारियां अपनी चपेट में लेने लगी हैं।
-------------बोले पशुपालक
टीकाकरण अभियान की जानकारी तो मिली थी, लेकिन अभी तक हमारे गांव में कोई टीम नहीं पहुंची है। पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए जल्द व्यवस्था होनी चाहिए। - नन्हे अंसारी, निवासी रामपुर खास
कई बार जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन टीम कब आएगी, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही है। प्रशासन को अभियान तेज करना चाहिए। बारिश में पशु तेजी से संक्रमित हो रहे हैं। -पोल्हावन यादव, निवासी कुलुहिया
बारिश में गाय खुरपका रोग से ग्रसित है। पशु चिकित्सक से इलाज करवा रहे हैं। अगर टीकाकरण समय से हो जाता तो शायद पशु संक्रमित नहीं होते। अभियान को तेज करना चाहिए। -अजय सिंह, निवासी छतरपुर

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आंकड़ों में अभियान
जिले में कुल पशुधन : 5.50 लाख
टीकाकरण लक्ष्य : 5.32 लाख
अब तक टीकाकरण : 85,000 पशु
शेष लक्ष्य : 4.47 लाख पशु
गठित टीमें : 50
अभियान में लगे पशु चिकित्सा अधिकारी : 30
जिले के पशु चिकित्सालय : 58
अंतिम समय : आठ सितंबर

वर्जन--
जनपद में पशुओं के टीकाकरण के लिए टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चल रहा है। नगरीय क्षेत्र में भी विशेष अभियान संचालित कर पशुओं का टीकाकरण कराया जा रहा है। निर्धारित समय से पूर्व टीकाकरण पूरा कर लिया जाएगा। -डॉ. मुकेश गुप्ता, सीवीओ
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