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आजमगढ़ में पूर्व जिपं अध्यक्ष समेत तीन को उम्र कैद
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Mon, 27 Nov 2017 11:23 PM IST
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अतरौलिया थाना क्षेत्र में दोहरे हत्याकांड के आरोपी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह को आजीवन कारावास।
- फोटो : अमर उजाला
आजमगढ़। वर्ष 2010 में अतरौलिया ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के दौरान हुए दोहरे हत्याकांड में सोमवार को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख लालजी सिंह के पुत्रों शैलेश सिंह उर्फ पिंकू, अजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू को जिला सत्र न्यायाधीश आफताब हुसैन रिजवी की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही 60-60 हजार का अर्थदंड लगाया है। सजा सुनते ही तीनों की आंखों से आंसू छलक आए और उन्होंने राजनीतिक साजिश का शिकार होने की बात कही। साथ ही ऊपरी न्यायालय में अपील की बात कही।
वर्ष 2010 में अतरौलिया ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के दौरान हुई गोलीबारी में अतरौलिया थाना के जमीन नंदना गांव निवासी महेंद्र यादव और बसावनपट्टी निवासी राम अवध यादव की मौत हो गई थी।
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मृतक महेंद्र के भाई योगेंद्र यादव ने 22 दिसंबर 2010 में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि मेरा भाई अतरौलिया ब्लॉक पर चुनाव देखने आया था। 12 बजे अनंतपुर गांव निवासी बीडीसी श्याम बिहारी यादव मत देकर जैसे ही बाहर निकले।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह समेत तीनों आरोपियों उन्हें भलाबुरा कहते हुए गोली चला दी। इससे महेंद्र की मौके पर और राम अवध की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। फायरिंग में अनंतपुर गांव निवासी श्याम बिहारी यादव, बढ़या गांव निवासी राम कलेश निषाद, सिकंदरपुर गांव निवासी राम सिंगार यादव और देहुला गांव निवासी राम सहाय यादव घायल हो गए।
अतरौलिया पुलिस ने भगतपुनर गांव निवासी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह, गोविंदपुर गांव निवासी पूर्व ब्लाक प्रमुख लालजी सिंह के पुत्र शैलेश सिंह उर्फ पिंकू और अजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
अभियोजन की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीष कुमार चौहान और पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता दशरथ यादव ने कुल 17 गवाह पेश किए। बचाव पक्ष की तरफ से छह गवाह पेश किए गए।
सोमवार को जिला सत्र न्यायाधीश आफताब हुसैन रिजवी ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 60-60 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। फैसला सुनने के लिए कोर्ट परिसर में सुबह से ही लोगों का जमावड़ा लगा था।
302 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास और 40 हजार जुर्माना, 307 आईपीसी के तहत 10 साल की कैद और और 20 हजार जुर्माना, 504 आईपीसी के तहत एक साल की कैद, 506 आईपीसी के तहत तीन साल की कैद की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
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साथ ही 60-60 हजार का अर्थदंड लगाया है। सजा सुनते ही तीनों की आंखों से आंसू छलक आए और उन्होंने राजनीतिक साजिश का शिकार होने की बात कही। साथ ही ऊपरी न्यायालय में अपील की बात कही।
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वर्ष 2010 में अतरौलिया ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के दौरान हुई गोलीबारी में अतरौलिया थाना के जमीन नंदना गांव निवासी महेंद्र यादव और बसावनपट्टी निवासी राम अवध यादव की मौत हो गई थी।
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मृतक महेंद्र के भाई योगेंद्र यादव ने 22 दिसंबर 2010 में थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि मेरा भाई अतरौलिया ब्लॉक पर चुनाव देखने आया था। 12 बजे अनंतपुर गांव निवासी बीडीसी श्याम बिहारी यादव मत देकर जैसे ही बाहर निकले।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह समेत तीनों आरोपियों उन्हें भलाबुरा कहते हुए गोली चला दी। इससे महेंद्र की मौके पर और राम अवध की वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। फायरिंग में अनंतपुर गांव निवासी श्याम बिहारी यादव, बढ़या गांव निवासी राम कलेश निषाद, सिकंदरपुर गांव निवासी राम सिंगार यादव और देहुला गांव निवासी राम सहाय यादव घायल हो गए।
अतरौलिया पुलिस ने भगतपुनर गांव निवासी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह, गोविंदपुर गांव निवासी पूर्व ब्लाक प्रमुख लालजी सिंह के पुत्र शैलेश सिंह उर्फ पिंकू और अजय कुमार सिंह उर्फ पप्पू के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
अभियोजन की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीष कुमार चौहान और पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता दशरथ यादव ने कुल 17 गवाह पेश किए। बचाव पक्ष की तरफ से छह गवाह पेश किए गए।
सोमवार को जिला सत्र न्यायाधीश आफताब हुसैन रिजवी ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 60-60 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। फैसला सुनने के लिए कोर्ट परिसर में सुबह से ही लोगों का जमावड़ा लगा था।
302 आईपीसी के तहत आजीवन कारावास और 40 हजार जुर्माना, 307 आईपीसी के तहत 10 साल की कैद और और 20 हजार जुर्माना, 504 आईपीसी के तहत एक साल की कैद, 506 आईपीसी के तहत तीन साल की कैद की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।