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कितनी लगाई सोलर लाइट, विभाग को पता नहीं
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:38 PM IST
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सोलर लाइट
- फोटो : फाइल फोटो
आजमगढ़। गांवों को सौर ऊर्जा के जरिए रोशन करने के लिए सरकार ने गांवों में सोलर लाइटें लगाने का निर्णय लिया। लेकिन इसके तहत शुरू हुआ काम भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। लाइटों में घटिया किस्म के सामान लगाए गए जिसके कारण ज्यादातर बेकार पड़ी हुईं हैं। वहीं जिला पंचायत राज कार्यालय के पास जिले में लगी सोलर लाइटों के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
बिजली की बचत करने और सौर ऊर्जा से गांवों को रोशन करने के लिए सरकार ने ग्राम प्रधानों के माध्यम से सोलर लाइटें लगाने की योजना बनाई। जनप्रतिनिधि भी इसके लिए अपनी निधि से पैसे देते रहे। लेकिन फिलहाल ये योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। एक तो प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने अपने चहेतों के यहां इसे लगवाया।
साथ ही लाइटों में दोयम दर्जे के सामान का प्रयोग किया गया। जिसके कारण सोलर लाइटें शोपीस बनकर रह गई हैं। किस ब्लॉक या किस गांव में कितनी लाइट लगी हैं इसका आंकड़ा न तो ब्लॉक स्तर और ना ही जिला स्तर पर मौजूद है। ऐसे में लबी लाइटें किस हालात में हैं इसके बारे में भी जिम्मेदारों को जानकारी नही है।
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ब्लॉक पर भी नहीं मौजूद आंकड़ा
लाटघाट। हरैया ब्लॉक क्षेत्र में 85 ग्राम पंचायतें और 100 क्षेत्र पंचायतें हैं। सभी ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों में सोलर लाइट लगी है। सोलर लाइट ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा मिलकर कराया जाता है। इसका भुगतान भी नंबर एक के सामान के रेट पर कराया जाता है।
लेकिन विकास खंड कार्यालय के पास यह आंकड़ा मौजूद नहीं है कि कुल कितनी लाइटें लगी हैं। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी हरैया गुलाबचंद ने बताया कि हमारे यहां बाबू नहीं है। दूसरे ग्राम पंचायतों की जानकारी हमें नहीं मिल पाती है। सेक्रेटरी और प्रधान द्वारा पैसा निकाल लिया जाता है और जानकारी नहीं दी जाती है।
एडीओ पंचायत राजेश यादव का कहना है कि अभी सूची उपलब्ध नहीं है जिससे हम इसकी सूचना दे सकें।
पैसा भुनाया अच्छे का, सामान लगाया घटिया
अहरौला। ग्राम सभाओं में लगाए गए सोलर पैनल में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की द्वारा खूब मनमानी की गई है। सोलर लाइट प्रधानों द्वारा सार्वजनिक जगहों पर न लगा कर व्यक्ति विशेष के घरों में लगाई गई है। कुशमहरा गांव के अभिमन्यु सिंह ने सोलर लाइट में घटिया किस्म के सामान लगाए जाने की शिकायत छह जून 2017 को जिलाधिकारी की थी।
जिलाधिकारी द्वारा खंड विकास अधिकारी जांच का निर्देश दिया गया। जांच के दौरान ब्लॉक के एपीओ ने जांच के दौरान पाया कि जिस सामान का पैसा लिया गया उसे न लगाकर घटिया किस्म के सामान को लगाया गया है।
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बिना टेंडर ही लगाई गई सोलर लाइटें
अतरौलिया। विकास खंड अतरौलिया के 67 ग्राम सभाओं में लगभग 400 से 500 सोलर लाइट लगवाई गई हैं। जिसे लगवाने के नाम पर ग्राम प्रधानों एवं ग्राम सचिवों द्वारा जमकर कमीशनखोरी और अनियमितता की गई है। विकास खंड के लगभग सभी ग्राम सभाओं में ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव द्वारा सोलर लाइट लगाई गई है।
किसी ग्राम सभा में इनकी संख्या 10 से 15 है तो किसी में 2 से 4 है। शासन का निर्देश है की ग्राम सभा में जो भी कार्य किया जाए उसके पहले समाचार पत्रों में उसकी विज्ञप्ति निकालना आवश्यक है। लेकिन शासन के निर्देश के बाद भी अतरौलिया विकास खँड की 67 ग्राम सभाओं में बिना टेंडर के ही लाइट लगाकर भुगतान करा लिया गया है।
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बिजली की बचत करने और सौर ऊर्जा से गांवों को रोशन करने के लिए सरकार ने ग्राम प्रधानों के माध्यम से सोलर लाइटें लगाने की योजना बनाई। जनप्रतिनिधि भी इसके लिए अपनी निधि से पैसे देते रहे। लेकिन फिलहाल ये योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। एक तो प्रधानों और ग्राम पंचायत अधिकारियों ने अपने चहेतों के यहां इसे लगवाया।
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साथ ही लाइटों में दोयम दर्जे के सामान का प्रयोग किया गया। जिसके कारण सोलर लाइटें शोपीस बनकर रह गई हैं। किस ब्लॉक या किस गांव में कितनी लाइट लगी हैं इसका आंकड़ा न तो ब्लॉक स्तर और ना ही जिला स्तर पर मौजूद है। ऐसे में लबी लाइटें किस हालात में हैं इसके बारे में भी जिम्मेदारों को जानकारी नही है।
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ब्लॉक पर भी नहीं मौजूद आंकड़ा
लाटघाट। हरैया ब्लॉक क्षेत्र में 85 ग्राम पंचायतें और 100 क्षेत्र पंचायतें हैं। सभी ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायतों में सोलर लाइट लगी है। सोलर लाइट ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा मिलकर कराया जाता है। इसका भुगतान भी नंबर एक के सामान के रेट पर कराया जाता है।
लेकिन विकास खंड कार्यालय के पास यह आंकड़ा मौजूद नहीं है कि कुल कितनी लाइटें लगी हैं। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी हरैया गुलाबचंद ने बताया कि हमारे यहां बाबू नहीं है। दूसरे ग्राम पंचायतों की जानकारी हमें नहीं मिल पाती है। सेक्रेटरी और प्रधान द्वारा पैसा निकाल लिया जाता है और जानकारी नहीं दी जाती है।
एडीओ पंचायत राजेश यादव का कहना है कि अभी सूची उपलब्ध नहीं है जिससे हम इसकी सूचना दे सकें।
पैसा भुनाया अच्छे का, सामान लगाया घटिया
अहरौला। ग्राम सभाओं में लगाए गए सोलर पैनल में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की द्वारा खूब मनमानी की गई है। सोलर लाइट प्रधानों द्वारा सार्वजनिक जगहों पर न लगा कर व्यक्ति विशेष के घरों में लगाई गई है। कुशमहरा गांव के अभिमन्यु सिंह ने सोलर लाइट में घटिया किस्म के सामान लगाए जाने की शिकायत छह जून 2017 को जिलाधिकारी की थी।
जिलाधिकारी द्वारा खंड विकास अधिकारी जांच का निर्देश दिया गया। जांच के दौरान ब्लॉक के एपीओ ने जांच के दौरान पाया कि जिस सामान का पैसा लिया गया उसे न लगाकर घटिया किस्म के सामान को लगाया गया है।
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बिना टेंडर ही लगाई गई सोलर लाइटें
अतरौलिया। विकास खंड अतरौलिया के 67 ग्राम सभाओं में लगभग 400 से 500 सोलर लाइट लगवाई गई हैं। जिसे लगवाने के नाम पर ग्राम प्रधानों एवं ग्राम सचिवों द्वारा जमकर कमीशनखोरी और अनियमितता की गई है। विकास खंड के लगभग सभी ग्राम सभाओं में ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव द्वारा सोलर लाइट लगाई गई है।
किसी ग्राम सभा में इनकी संख्या 10 से 15 है तो किसी में 2 से 4 है। शासन का निर्देश है की ग्राम सभा में जो भी कार्य किया जाए उसके पहले समाचार पत्रों में उसकी विज्ञप्ति निकालना आवश्यक है। लेकिन शासन के निर्देश के बाद भी अतरौलिया विकास खँड की 67 ग्राम सभाओं में बिना टेंडर के ही लाइट लगाकर भुगतान करा लिया गया है।