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कहीं झमाझम बरसे, कहीं ललचा गए
ब्यूरो/अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 21 Jun 2016 12:11 AM IST
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बारिश से भरा पानी
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जौनपुर और वाराणसी की सीमा से सटे जिले के कुछ स्थानों पर सोमवार को हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली लेकिन सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर में दो बजे बदली छा गई लेकिन बारिश नहीं हुई और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं।
जहां मानसून के आने का सभी लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं वहीं जौनपुर और वाराणसी सीमा सटे जनपद के कुछ क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। जिसके कारण आमजन ने गर्मी से राहत महसूस की। किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। किसान अब मंगलवार से दलहनी फसलों की बुआई में जुटेंगे। जनपद सीमा से सटे क्षेत्रों में हुई बारिश का असर नगर क्षेत्र में भी देखने को मिला नगर क्षेत्र में भी बादल छाए रहे, गरजते रहे लेकिन बारिश नहीं हुई।
कुछ देर के लिए ही सही लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। बिंद्राबाजार संवाददाता के अनुसार सोमवार की शाम हुई झमाझम बारिश से सड़कों में बने गड्ढों में पानी भर गया जिसके कारण बिंद्राबाजार-मेंहनगर मार्ग पर चलना दूभर हो गया। सड़कों के किनारे बने गड्ढ़ों में भी पानी भर गया। लोगों ने गर्मी और उमस से राहत महसूस की। क्षेत्र लालगंज, देवगांव, ठेकमा, बरदह आदि स्थानों पर तेज बारिश हुई।
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बारिश से धान की खेती को नई जान मिल गई है। नर्सरी के लिए पानी सोने की तरह बरसा है। आषाढ़ के एक दिन पहले ही दस्तक देकर मानसून ने दो साल से मायूस किसानों को आशा से लबालब कर दिया है। यह सही है कि पहली बारिश की सोंधी खुशबू ने उमस से राहत दी लेकिन शहर के तमाम इलाकों में लोग जल भराव की समस्या से जूझते रहे।
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जहां मानसून के आने का सभी लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं वहीं जौनपुर और वाराणसी सीमा सटे जनपद के कुछ क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। जिसके कारण आमजन ने गर्मी से राहत महसूस की। किसानों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। किसान अब मंगलवार से दलहनी फसलों की बुआई में जुटेंगे। जनपद सीमा से सटे क्षेत्रों में हुई बारिश का असर नगर क्षेत्र में भी देखने को मिला नगर क्षेत्र में भी बादल छाए रहे, गरजते रहे लेकिन बारिश नहीं हुई।
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कुछ देर के लिए ही सही लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। बिंद्राबाजार संवाददाता के अनुसार सोमवार की शाम हुई झमाझम बारिश से सड़कों में बने गड्ढों में पानी भर गया जिसके कारण बिंद्राबाजार-मेंहनगर मार्ग पर चलना दूभर हो गया। सड़कों के किनारे बने गड्ढ़ों में भी पानी भर गया। लोगों ने गर्मी और उमस से राहत महसूस की। क्षेत्र लालगंज, देवगांव, ठेकमा, बरदह आदि स्थानों पर तेज बारिश हुई।
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बारिश से धान की खेती को नई जान मिल गई है। नर्सरी के लिए पानी सोने की तरह बरसा है। आषाढ़ के एक दिन पहले ही दस्तक देकर मानसून ने दो साल से मायूस किसानों को आशा से लबालब कर दिया है। यह सही है कि पहली बारिश की सोंधी खुशबू ने उमस से राहत दी लेकिन शहर के तमाम इलाकों में लोग जल भराव की समस्या से जूझते रहे।