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Azamgarh News: स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य कर्मियों का होगा टीकाकरण
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प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बचाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत पहले चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को इन्फ्लूएंजा वैक्सीन लगाई जाएगी।
मंडलीय जिला अस्पताल में हाई रिस्क वाले डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का वैक्सीनेशन किया जाना है। प्रयोगशाला और आइसोलेशन वार्ड में तैनात कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है। पहले चरण में ऐसे स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाएगा, जिनके संक्रमित मरीजों के सीधे संपर्क में आने की अधिक संभावना रहती है।
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इनमें प्रयोगशाला कर्मी, आइसोलेशन वार्ड में तैनात स्टाफ और अन्य हाई रिस्क कर्मचारी शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए अन्य जरूरी संसाधन भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
अस्पताल में करीब पांच हजार मास्क और 500 पीपीई किट मौजूद हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए मास्क, पीपीई किट और अन्य सुरक्षा उपायों के इस्तेमाल के निर्देश दिए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को भी स्वाइन फ्लू के लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा गया है। विभाग का जोर संक्रमण की रोकथाम के साथ ही अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने पर है।
-- वर्जन
अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई केस तो नहीं आया है, लेकिन बचाव की पूरी तैयारी है। मंडलीय जिला चिकित्सालय में प्रचुर मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है। इसमें हाई रिस्क वालों को पहले चरण में इन्फ्लूएंजा वैक्सीन लगाई जाएगी। -डॉ. सतीशचंद्र कन्नौजिया, एसआईसी।
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मंडलीय जिला अस्पताल में हाई रिस्क वाले डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ का वैक्सीनेशन किया जाना है। प्रयोगशाला और आइसोलेशन वार्ड में तैनात कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।
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अस्पताल प्रशासन के अनुसार, स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है। पहले चरण में ऐसे स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया जाएगा, जिनके संक्रमित मरीजों के सीधे संपर्क में आने की अधिक संभावना रहती है।
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इनमें प्रयोगशाला कर्मी, आइसोलेशन वार्ड में तैनात स्टाफ और अन्य हाई रिस्क कर्मचारी शामिल हैं। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए अन्य जरूरी संसाधन भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
अस्पताल में करीब पांच हजार मास्क और 500 पीपीई किट मौजूद हैं। स्वास्थ्य कर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए मास्क, पीपीई किट और अन्य सुरक्षा उपायों के इस्तेमाल के निर्देश दिए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को भी स्वाइन फ्लू के लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लेने को कहा गया है। विभाग का जोर संक्रमण की रोकथाम के साथ ही अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने पर है।
अभी तक स्वाइन फ्लू का कोई केस तो नहीं आया है, लेकिन बचाव की पूरी तैयारी है। मंडलीय जिला चिकित्सालय में प्रचुर मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है। इसमें हाई रिस्क वालों को पहले चरण में इन्फ्लूएंजा वैक्सीन लगाई जाएगी। -डॉ. सतीशचंद्र कन्नौजिया, एसआईसी।