नाव से स्कूल जाने को बच्चे मजबूर: 1500 बच्चों की पढ़ाई पर संकट, साइकिल लेकर नाव से आते-जाते हैं 20-25 छात्र
आजमगढ़ में बाढ़ के कारण करीब 1500 बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 20-25 छात्र साइकिल लेकर नाव से स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं। वहीं बीमार बच्चों और बुजुर्गों को इलाज के लिए करीब 60 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। बाढ़ चौकी पर डॉक्टर की तैनाती नहीं होने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
विस्तार
लाटघाट में सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण देवारा क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में ग्रामीणों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। महुला-गढ़वल बांध के आसपास कई संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ गया है।
इससे चक्की, देवारा खास राजा, बांका, बुढ़न पट्टी, शाहडीह, सोनौरा, अजगरा, अचल नगर, इस्माइलपुर, नैनीजोर समेत अराजी नौबरार करखिया किता प्रथम और द्वितीय की करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। खेतों में पानी भरने से धान और सब्जियों की फसल भी डूबने लगी है। अब पानी गांवों की ओर बढ़ने लगा है।
सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। महुला-गढ़वल बांध के खरैलिया ढाला से सोनौरा जाने वाले संपर्क मार्ग पर पानी भरने के कारण बच्चे नाव से आवागमन कर रहे हैं। प्रतिदिन करीब 20 से 25 बच्चे साइकिल लेकर नाव पर सवार होकर आते-जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नाव से साइकिल और बच्चों का एक साथ आवागमन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। अजगरा, सोनौरा, अभन पट्टी, धुसवा, महाजी, झगरहवा, झनझनपुर और मानिकपुर के कक्षा एक से 12 तक के करीब 1500 बच्चे प्रभावित हैं।
बांध के दक्षिण रौनापार क्षेत्र स्थित बीएसडी इंटर कॉलेज, तिलक इंटर कॉलेज, धीरज इंटर कॉलेज, एसआरएस इंटर कॉलेज, एलडी इंटर कॉलेज तथा जमुवारी रौनापार के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय जाने के लिए बच्चों को पानी और नाव के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है।
बाढ़ चौकी पर डॉक्टर न मिलने का आरोप
सोनौरा देवारा निवासी राम आशीष का दो वर्षीय पुत्र प्रांशु चार-पांच दिन से बीमार है। परिजन उसे इलाज के लिए जमुवारी स्थित बाढ़ चौकी पर लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिला। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे करीब 60 किलोमीटर दूर आजमगढ़ मुख्यालय ले गए। ग्रामीणों के मुताबिक, बीमारी से ज्यादा परेशानी घर तक पहुंचने की है। कई बार नाव उपलब्ध होती है तो कई बार इंतजार करना पड़ता है। नाव से नदी पार करने के बाद भी ग्रामीणों को तीन से पांच किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। सोनौरा देवारा की सावित्री भी अपनी पोती को दवा दिलाने चांदपट्टी गई थीं। उन्होंने बताया कि गांव में कई लोग बीमार हैं, लेकिन बाढ़ चौकी पर दवा नहीं मिल पा रही है।
बाढ़ चौकियों को अलर्ट रहने के निर्देश
एसडीएम सगड़ी संजीव कुमार राय ने बताया कि जिन विद्यालयों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के बच्चे पढ़ने जा रहे हैं, वहां स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ चौकियों पर दवा उपलब्ध करा दी गई है और उन्हें अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी बाढ़ चौकी पर कर्मचारी अनुपस्थित मिला तो उसके खिलाफ जिलाधिकारी को पत्र लिखा जाएगा।
12 सेंटीमीटर बढ़कर 72.07 मीटर पहुंचा, डिघिया नाले में भी आठ सेमी की वृद्धि
लाटघाट। सरयू के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण बदरहुआ और डिघिया नालों का जलस्तर भी बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बदरहुआ नाले का जलस्तर मंगलवार शाम चार बजे के 71.95 मीटर से 12 सेंटीमीटर बढ़कर 72.07 मीटर पहुंच गया। वहीं डिघिया नाले का जलस्तर भी 71.21 मीटर से आठ सेंटीमीटर बढ़कर 71.29 मीटर हो गया। बदरहुआ नाले का खतरा बिंदु 71.68 मीटर निर्धारित है।
बुधवार को जलस्तर 72.07 मीटर दर्ज होने से यह खतरे के निशान से 39 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। नाले का न्यूनतम जलस्तर 70.25 मीटर और अधिकतम 73.52 मीटर है। इसी तरह डिघिया नाले का खतरा बिंदु 70.40 मीटर है और बुधवार को जलस्तर 71.29 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 89 सेंटीमीटर ऊपर है। इसका न्यूनतम जलस्तर 68.90 मीटर और अधिकतम 72.59 मीटर है।