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डेढ़ लाख कांस्टेबलों की जरूरत प्रदेश में

Mon, 27 Apr 2015 11:57 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Mon, 27 Apr 2015 11:57 PM IST
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Half a million in the state constables need
मंडल की कानून व्यवस्था की समीक्षा करने आए प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा ने सोमवार को पुलिस लाइन में बताया कि प्रदेश में आबादी के हिसाब से करीब डेढ़ लाख से अधिक कांस्टेबलों की आवश्यकता है। इसलिए सिपाहियों की भर्ती का खाका तैयार किया जा रहा है।
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पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत जल्द ही प्रत्येक थानों पर दो-दो वाहन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। वाहनों के खरीद के लिए विभिन्न कंपनियों से कोटेशन मांगा गया है। पर्याप्त सिपाही उपलब्ध हो जाने के बाद प्रत्येक एक लाख की आबादी पर एक-एक थाने खोले जाएंगे।
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उन्होंने बताया कि पहले की तुलना में पुलिस के कार्यों में काफी सुधार आया है। आमजन के साथ थाने के मुंशी और दीवान द्वारा ज्यादा अभद्रता की जाती है। ऐसी कार्यप्रणाली पर नजर रखने के लिए जल्द ही सभी थानों पर दो-दो सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएंगे ताकि एसपी अपने कार्यालय में बैठकर उनकी गतिविधियों पर नजर रख सकें। बताया कि करीब 40 हजार सिपाहियों की भर्ती की गई है।
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शेष प्रक्रिया जारी है। पत्रकारों से बात करने से पूर्व प्रमुख सचिव जिले के जनप्रतिनिधियों से मिलकर जहां पुलिस की कार्यप्रणाली और दुर्व्यवस्थाओं पर चर्चा की। प्रमुख सचिव के साथ एडीजी कानून एवं व्यवस्था मुकुल गोयल, आईजी जोन वाराणसी अमरेंद्र सेंगर, डीआईजी आजमगढ़ रेंज प्रशांत कुमार, एसपी  आकाश कुलहरि आदि मौजूद थे।

मुबारकपुर जैसा प्रदेश में शायद ही कोई थाना: अमिलो। मंडल के कानून व्यवस्थाओं का हाल जानने आए प्रमुख सचिव गृह ने मुबारकपुर थाने का निरीक्षण किया। थाने में अभिलेखों के रखरखाव, थानाध्यक्ष के बैठने के लिए बने अलग से व्यवस्था, सामने सुंदर पोखरा आदि देखने के बाद वे गदगद हो गए।


 प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रदेश में शायद ही कोई ऐसा थाना होगा। थाने के बगल में 77.22 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे आरक्षियों का बैरक देखने के बाद उन्होंने थाने का भवन देखा। दीवारों पर जमी गंदगी देख पूछने पर थानाध्यक्ष बृजेश यादव ने बताया कि गैस के बजाय लकड़ी से बनने वाला भोजन ज्यादा स्वादिष्ट होता है। आग जलने की वजह से दीवारें थोड़ी गंदी हैं, जिसे जल्द साफ करवा दिया जाएगा।
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