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बगैर विद्यालय हड़प ली एक करोड़ की छात्रवृत्ति

Thu, 07 Sep 2017 12:11 AM IST
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला Updated Thu, 07 Sep 2017 12:11 AM IST
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Grab without school has scholarships million rupees
scholarship scam in uttarakhand
आजमगढ़। सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का भले ही हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन जब तक कार्रवाई की क्षमता रखने वाले हर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी नहीं सुधरेंगे भ्रष्टाचार खत्म होने वाला नहीं दिख रहा। इसका उदाहरण महराजगंज थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में देखने को मिला।
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जहां एक व्यक्ति ने बगैर किसी स्कूल का संचालन किए ही करीब एक करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति हड़प ली। एसडीएम सगड़ी और एबीएसए की जांच में फर्जीवाड़ा उजागर हो चुका है। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट के निर्देश पर महराजगंज थाने की पुलिस मामले में केस दर्ज कर पुन: जांच पड़ताल कर रही है।  
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महराजगंज थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव निवासी राजेश तिवारी ने 26 दिसंबर 2016 को कोर्ट के आदेश पर महराजगंज थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें अपने गांव के सुरेंद्रनाथ त्रिपाठी को आरोपित किया है। राजेश का आरोप है कि सुरेंद्र त्रिपाठी सिर्फ कागज में ही रौनापार थाना क्षेत्र के देवारा खास राजा गांव, पैकौली और महराजगंज थाना क्षेत्र के महाजी मंझरिया गांव में विद्यालय चलाने का दावा करता है।
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जबकि इन तीनों स्थान पर इसका कोई विद्यालय नहीं है। बावजूद इसके सुरेंद्रनाथ समाजकल्याण विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत से छात्रवृत्ति के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये हड़प ली। ये खेल सुरेंद्रनाथ बीते वर्ष 2009 से खेल रहा था, लेकिन कोई इस संबंध में आवाज नहीं उठा रहा था।

राजेश की शिकायत पर वर्ष 2015 में इस मामले की जांच एसडीएम सगड़ी और खंड शिक्षाधिकारी सगड़ी ने अलग-अलग जांच की। दोनों अधिकारियों की जांच में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन राजेश को कोर्ट जाना पड़ा और 26 दिसंबर 2016 को कोर्ट के आदेश पर उसने महराजगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।  

पुलिस की जांच में ये उजागर हुआ है कि सुरेंद्रनाथ त्रिपाठी बगैर किसी विद्यालय चलाते हुए भी छात्रवृत्ति के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये फर्जी तरीके से लिया है। आरोप पत्र न्यायालय में सौंप दिया गया है। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी ग्रामीण

समाज कल्याण और बैंक कर्मचारियों की है मिली भगत
महराजगंज थाने में दर्ज छात्रवृत्ति घोटाले की जांच करने वाले दरोगा विजेंद्र सिंह ने बताया कि अब तक की जांच में पता चला है कि इसमें समाज कल्याण विभाग के अधिकारी और कर्मचारी के अलावा बैंक के अधिकारी और कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है।


इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी दोषी हैं। क्योंकि बगैर मान्यता का कागज दिखाए स्कूल के नाम बैंक में खाता नहीं खुल सकता। दरोगा ने बताया कि जांच रिपोर्ट रिपोर्ट न्यायालय में सौंप दी है।
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