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पुल तो मिला पर तहसील के लिए रहा गिला

Sat, 07 Feb 2015 11:59 PM IST
भारतेंदु मिश्र, आजमगढ़
भारतेंदु मिश्र, आजमगढ़ Updated Sat, 07 Feb 2015 11:59 PM IST
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got bridge but wait for tahsil
सांसद मुलायम सिंह यादव के आगमन पर विकास की सौगातों से जिले का देवारांचल भले ही लबरेज हुआ लेकिन क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग थी कि सगड़ी तहसील के गोपालपुर विधानसभा के परशुरामपुर बाजार को तहसील बनाने का सपना अधूरा रह गया।
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क्षेत्रवासियों की मांग पर जिला प्रशासन ने इस मुद्दे पर प्रस्ताव वर्ष 2011 में शासन को भेजा था। हालांकि मुलायम सिंह के साथ आए सूबे के लोक  निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने देवारांचल को बाढ़ से मुक्ति दिलाने का स्थायी हल निकालने की सौगात देकर गए।
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46 लाख से अधिक आबादी वाले इस जिले की स्थापना 18 सितंबर 1832 में हुई थी। 4,054 वर्ग किमी में फैले इस जिले में सात तहसील और 22 ब्लाक है। इसमें सगड़ी तहसील का क्षेत्रफल अन्य तहसीलों की तुलना में ज्यादा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, इस तहसील क्षेत्र में सगड़ी विधानसभा के साथ आंशिक रूप से गोपालपुर तहसील क्षेत्र का हिस्सा भी सामाहित है।
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क्षेत्रफल की दृष्टि से बड़ा होने के कारण सगड़ी तहसील विकास के मद में सदैव फिसड्डी रहा। इसका दूसरा कारण रहा पूर्व के परिसीमन में यह क्षेत्र लोक सभा घोसी में आता था। नए परिसीमन में यह दूसरा मौका है, जब सगड़ी तहसील वासियों को को आजमगढ़ लोकसभा का सांसद चुनने का मौका मिला।

पहले चांस 2009 की लोकसभा में यहां से भाजपा के टिकट से रमाकांत यादव सांसद चुने गए। इनके कार्यकाल में क्षेत्र का विकास नहीं हो सका। जबकि प्रदेश में  बसपा की सरकार थी, विधानसभा गोपालपुर से बसपा के टिकट से श्यामनरायन यादव विजयी हुए थे। इसी क्रम में सगड़ी से सपा के टिकट पर स्व. सर्वेश सिंह सीपू विधायक चुने गए।

 इसी दौरान परशुरामपुर बाजार को तहसील बनाने की मांग उठी, जो अनवरत जारी रही। इसका कारण यह भी था कि महराजगंज क्षेत्र के लोगों के लिए सगड़ी तहसील जाना काफी दुश्वारियों से भरा था, क्योंकि दूरी ज्यादा पड़ती थी। मांगों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2011 में परशुरामपुर बाजार को तहसील बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया।

इस तरह से बननी थी तहसील ः शासन को भेजे गए प्रस्ताव में एसडीएम सगड़ी ने बताया था कि यदि परशुरामपुर बाजार को तहसील का दर्जा दिया जाता है तो इस नई तहसील के अंतर्गत 63643 काश्तकार, कृषि का क्षेत्रफल 20472, प्लाटों (खेत) की संख्या 161966, एक ब्लाक और दो आंशिक ब्लाक, पांच थाना (रौनापार, महराजगंज, कप्तानगंज, कंधरापुर, मुबारकपुर) का आंशिक भाग शामिल होगा।


जिले में विकास की योजनाओं की लगी झड़ी और मार्टिनगंज को नई तहसील का दर्जा दिए जाने से परशुरामपुर बाजार के महरूम रहने के बाबत पूछे जाने पर जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने कहा कि मामला पुराना है, पता लगाता हूं। तभी इस संबंध में कुछ बता पाऊंगा।
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