Ramakant Yadav: सरकारी कामकाज में बाधा डालने के मामले में सपा विधायक को एक साल की सजा, जुर्माना भी लगाया
Azamgarh Latest News: आजमगढ़ जिले में दीदारगंज थाने के सामने चक्का जाम कर सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में कोर्ट ने पूर्व सांसद रमाकांत यादव को एक साल का कारावास की सजा और 3800 रुपये का जुर्माना लगाया है।
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विशेष मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) अनुपम कुमार त्रिपाठी की अदालत ने सोमवार को फूलपुर पवई विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक और पूर्व सांसद रमाकांत यादव को एक साल की सजा सुनाई है। साथ ही 3800 रुपये जुर्माना लगाया। रमाकांत यादव ने 19 साल पहले दीदारगंज-खेतासराय मार्ग पर जाम लगाकर सरकारी कामकाज में बाधा डाली थी। वह दीदारगंज थाने से समर्थक को छुड़ाने का दबाव बना रहा था। मामले में रमाकांत के दो समर्थकों फूलचंद और वीरेंद्र के खिलाफ भी अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था लेकिन सुनवाई के दौरान ही दोनों की मौत हो गई।
अभियोजन अधिकारी के मुताबिक, छह अप्रैल 2006 की सुबह करीब सात बजे रमाकांत यादव अपने 250 समर्थकों के साथ दीदारगंज थाने पहुंचा था। रमाकांत ने थाना प्रभारी मधुप कुमार सिंह पर एक समर्थक को छोड़ने का दबाव बनाया था।
थानाध्यक्ष ने समर्थक को छोड़ने से इन्कार कर दिया तो रमाकांत यादव ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। समर्थकों के साथ थाने के सामने ही दीदारगंज-खेतासराय मार्ग पर जाम लगा दिया। इससे सरकारी कामकाज निपटाने में दिक्कत हुई। मामले की जांच के बाद पुलिस ने रमाकांत यादव समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। साथ ही विवेचना करके आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया था।
अभियोजन की तरफ से अदालत में छह गवाह पेश किए गए। सुनवाई के दौरान ही मामले के दो आरोपियों फूलचंद्र और वीरेंद्र की मौत हो गई थी। अदालत ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद सोमवार को सपा विधायक रमाकांत यादव को सजा सुनाई।
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अदालत पहले भी सुना चुकी है सजा
पहले रमाकांत भी रमाकांत यादव को दो मामलों में अलग-अलग अदालत सजा सुना चुकी है। आजमगढ़ की विशेष मजिस्ट्रेट की अदालत ने मई 2025 में रमाकांत यादव को सरकारी कामकाज में बाधा डालने के मामले में एक मामले में तीन महीने की सजा सुनाई थी। 1300 रुपये जुर्माना भी लगाया था। रमाकांत ने 2006 में ही पवई में जाम लगाया था।
इस मामले में तीन और दोषियों को तीन-तीन महीने की सजा सुनाई गई थी। इसी तरह जौनपुर की अदालत ने 30 मई 2023 को रमाकांत यादव को चार महीने की सजा सुनाई थी। तारापुर कॉलोनी निवासी मित्रसेन सिंह ने रमाकांत के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
उनका कहना था कि दिसंबर 2019 में खरीदारी करने बाजार गए थे। इसी बीच रमाकांत समर्थकों के साथ आए मारपीट की। पुलिस ने जांच करके अरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। सुनवाई के बाद अदालत ने रमांकांत को चार महीने की सजा सुनाई। साथ ही सात हजार रुपये जुर्माना भी लगाया था।
जेल में है रमाकांत, पहले भी एक महीने की सजा सुनाई गई थी
सपा विधायक रमाकांत यादव को जहरीली शराब कांड का भी आरोपी बनाया गया था। शराब पीने से आजमगढ़ में करीब सात लोगों की मौत हो गई थी। इसी मामले में रमाकांत को जेल भेजा गया था। वह फतेहगढ़ जेल में है।