{"_id":"5d94ddef8ebc3e01802eab99","slug":"flood-like-situation-in-lower-area-in-azamgarh-flooding-in-low-lying-areas-azamgarh-news-vns4870675142","type":"story","status":"publish","title_hn":"निचले इलाकों में ॐबाढ़ॐ जैसे हालात, हालत खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निचले इलाकों में ॐबाढ़ॐ जैसे हालात, हालत खराब
विज्ञापन
FLood like situation in lower area in azamgarh flooding in low-lying areas
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। नगर की जीवनदायिनी तमसा ने अब लोगों की मुश्किलों को बढ़ाना शुरू कर दिया है। बहुत से लोग अपना आशियाना छोड़कर सड़कों के किनारे आशियाना बना चुके हैं। तो नगर क्षेत्र के कई मुहल्लों में बाढ़ का पानी घुस आया है। वहीं कई मुहल्लों में पानी घुसने की कगार पर है।
विकास की अंधी दौड़ में लोग तमसा के अस्तित्व को मिटाने के चक्कर में पड़ गए। 2005 के बाद तमसा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी न होने के कारण लोगों ने इसका अस्तित्व मिटाने की कोशिश शुरू कर दी। इसके किनारे तक सटाकर लोगों ने अपना आशियाना बना लिया। लेकिन इस बार तमसा नदी के बढ़ते जलस्तर ने नदी के किनारे बसे लोगों की धुकधुकी को बढ़ा दिया है। बंधे के दूसरी शाही पुल के पास तो पूरी कालोनी ही बस गई। जब इस कालोनी में बाढ़ का पानी घुुसा तो लोग पलायन करने को विवश हो गए। बहुत से लोग तो अपने परिचितों और रिश्तेदारों के यहां जम गए और बहुत से लोगों ने रोड के किनारे ही ऊंचा स्थान देखकर अपना डेरा जमा लिया। इन लोगों को पालिथीन डालकर अस्थाई रूप से घर बना लिया है। तमसा के बढ़ते जलस्तर से नगर क्षेत्र के कई मुहल्लों में पानी घुस आया है। नगर के हरबंशपुर मुहल्ले में पानी घुस गया है। जिसके कारण लोग मकान के ऊपरी हिस्से पर अपना आशियाना बना चुके हैं। वहीं नगर के कालीचौरा, भोला घाट कालोनी में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। जिसके कारण इन मुहल्लों से भी बहुत से लोग पलायन कर चुके हैं। गौरीशंकर घाट पर मुख्य मार्ग के पास स्थित सीढ़ीयों तक बाढ़ का पानी चढ़ आया है। नगर से सटे हथिया गांव और बाग लखरांव में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। कोलपांडेय स्थित गायत्री शक्ति पीठ का आधा से अधिक भाग पानी में जलमग्न हो चुका है। राजघाट पर शव जलाने के लिए भी जगह नहीं बची है। नगर से सटे कई स्थानों पर बाढ़ का पानी सड़क के बराबर पहुंच रहा है। कुछ सेमी की और बढ़ोत्तरी होते ही यह सड़क पर पहुंच जाएगा।
जरूरी सामानों की खरीद करना हुआ मुश्किल
आजमगढ़। जिन मुहल्लों में बरसात का पानी घुसा हुआ है। उन मुहल्लों में लोगों को जरूरी सामानों की खरीद करना भी मुश्किल हो गया है। किसी तरह से लोग पानी घुस कर मुखय मार्ग तक पहुंच रहे हैं और भीगे कपड़े में ही खरीदारी कर फिर घर लौट रहे हैं।
विज्ञापन
घरों में कैद हुई महिलाएं
आजमगढ़। अक्सर घरों में महिलाएं ही साग-सब्जी की खरीदारी करने के लिए बाजार जाती है। क्योंकि घर के पुरुष सदस्य किसी न किसी कार्य से बाहर होते हैं। लेकिन जल-भराव के कारण अब महिलाएं घरों में कैद होकर रह गई है। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। उनकी धमाचौकड़ी भी बंद है।
विज्ञापन
विकास की अंधी दौड़ में लोग तमसा के अस्तित्व को मिटाने के चक्कर में पड़ गए। 2005 के बाद तमसा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी न होने के कारण लोगों ने इसका अस्तित्व मिटाने की कोशिश शुरू कर दी। इसके किनारे तक सटाकर लोगों ने अपना आशियाना बना लिया। लेकिन इस बार तमसा नदी के बढ़ते जलस्तर ने नदी के किनारे बसे लोगों की धुकधुकी को बढ़ा दिया है। बंधे के दूसरी शाही पुल के पास तो पूरी कालोनी ही बस गई। जब इस कालोनी में बाढ़ का पानी घुुसा तो लोग पलायन करने को विवश हो गए। बहुत से लोग तो अपने परिचितों और रिश्तेदारों के यहां जम गए और बहुत से लोगों ने रोड के किनारे ही ऊंचा स्थान देखकर अपना डेरा जमा लिया। इन लोगों को पालिथीन डालकर अस्थाई रूप से घर बना लिया है। तमसा के बढ़ते जलस्तर से नगर क्षेत्र के कई मुहल्लों में पानी घुस आया है। नगर के हरबंशपुर मुहल्ले में पानी घुस गया है। जिसके कारण लोग मकान के ऊपरी हिस्से पर अपना आशियाना बना चुके हैं। वहीं नगर के कालीचौरा, भोला घाट कालोनी में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। जिसके कारण इन मुहल्लों से भी बहुत से लोग पलायन कर चुके हैं। गौरीशंकर घाट पर मुख्य मार्ग के पास स्थित सीढ़ीयों तक बाढ़ का पानी चढ़ आया है। नगर से सटे हथिया गांव और बाग लखरांव में भी बाढ़ का पानी घुस गया है। कोलपांडेय स्थित गायत्री शक्ति पीठ का आधा से अधिक भाग पानी में जलमग्न हो चुका है। राजघाट पर शव जलाने के लिए भी जगह नहीं बची है। नगर से सटे कई स्थानों पर बाढ़ का पानी सड़क के बराबर पहुंच रहा है। कुछ सेमी की और बढ़ोत्तरी होते ही यह सड़क पर पहुंच जाएगा।
विज्ञापन
जरूरी सामानों की खरीद करना हुआ मुश्किल
आजमगढ़। जिन मुहल्लों में बरसात का पानी घुसा हुआ है। उन मुहल्लों में लोगों को जरूरी सामानों की खरीद करना भी मुश्किल हो गया है। किसी तरह से लोग पानी घुस कर मुखय मार्ग तक पहुंच रहे हैं और भीगे कपड़े में ही खरीदारी कर फिर घर लौट रहे हैं।
विज्ञापन
घरों में कैद हुई महिलाएं
आजमगढ़। अक्सर घरों में महिलाएं ही साग-सब्जी की खरीदारी करने के लिए बाजार जाती है। क्योंकि घर के पुरुष सदस्य किसी न किसी कार्य से बाहर होते हैं। लेकिन जल-भराव के कारण अब महिलाएं घरों में कैद होकर रह गई है। बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। उनकी धमाचौकड़ी भी बंद है।

हरैया विकास खंड के परसिया का प्राइमरी स्कूल पानी में डूबा।- फोटो : AZAMGARH