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किसानों का फूटा गुस्सा, नहीं मिली पर्ची तो फूंक देंगे फसल

Tue, 28 Nov 2017 11:17 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़ Updated Tue, 28 Nov 2017 11:17 PM IST
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Farmers get angery no slip, will blow up crop
डेमो - फोटो : demo pic
बूढ़नपुर। तहसील क्षेत्र के किसान बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती करते हैं। लेकिन अब यही गन्ने की खेती किसानों के गले की फांस बन गई है। पर्ची न मिलने के कारण किसान गन्ना मिल को नहीं दे पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो हम अपनी गन्ने की फसल को खेतों को जलाने को विवश होंगे।
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बताते चलें कि जनपद में बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र गन्ने की खेती के लिए मशहूर है। यहां किसान बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती करते हैं। बहुत से किसान गन्ने की फसल को बेंचकर अगली फसल की जुताई-बुआई करते हैं।
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इसी के पैसे से किसान अपने बच्चों की पढ़ाई, लिखाई, निमंत्रण आदि की व्यवस्था करते हैं। लेकिन गन्ना बेचने के लिए मिल द्वारा पर्ची जारी न करने से किसानों की गन्ने की फसल खेतों में सूख रही है।
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जिसका परिणाम है कि किसान अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए गन्ने को औने-पौने दाम पर विचौलियों को बेंच रहे हैं। क्योंकि नवंबर माह से 15 दिसंबर तक गेहूं की बुआई करना उत्तम माना जाता है।

पर्ची के अभाव में कुछ लोग मिल और तौल कांटे का चक्कर लगा रहे हैं। सठियांव चीनी मिल के चालू होने के बाद किसानों में खुशहाली की लहर व्याप्त थी। लोगों ने भारी मात्रा में गन्ने फसल की बुआई किया है।

जब फसल तैयार हो गई तो मिल से इन्हें तौल पर्ची नहीं मिल पा रही है। इससे यह अपने गन्ने को तौल कांटे पर नहीं भेज पा रहे हैं। पर्ची के इन्तजार में थक हारकर कुछ किसान अपने खेतों को खाली करने के लिए गन्ने को औने-पौने दामों में निजी क्रसरों और बिचौलियों के हाथों बेचने को मजबूर हैं ताकि गेहूं की बुआई समय से हो सके।

क्षेत्र के किसान संतोष सिंह का कहना है कि प्रत्येक क्रय केंद्र पर गन्ने की उतरवायी का चार्ज किसानों को नहीं देना होता है लेकिन क्रय केंद्र द्वारा उतरवायी चार्ज 100 रुपया किसानों से वसूला जईा रहा है। जिसमें कहीं-कहीं तो घटतौली भी की जा रही है।


किसान रंजय यादव का कहना है कि ठेकेदार और काटां इंचार्ज की मिली भगत से किसानों से पैसा वसूला जा रहा है। धर्मेंद्र यादव ने बताया कि कांटे पर बिना नंबर के गन्ने की तौल की जा रही है। कुछ किसानों का गन्ना कांटे पर सप्ताह पूर्व से पड़ा है जिसकी तौल अभी तक नहीं हो सकी है।

स्वामीनाथ सिंह ने कहा कि यही हाल रहा तो किसान गन्ने की खेती नहीं करेगा और गन्ने को खेत में जला देगा।
 
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