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छुट्टा पशुओं को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन
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अहरौला में छुट्टा पशुओं के आतंक से परेशान ग्रामीण प्रदर्शन करते।
- फोटो : AZAMGARH
अहरौला। छुट्टा पशुओं से परेशान क्षेत्र के कई गांवों के किसानों ने रविवार को गहजी कलवरिया चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने छुट्टा पशुओं की समस्या से निजात न मिलने पर विधान सभा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। किसानों ने पशुओं से मुक्ति नहीं तो वोट नहीं का बैनर लहराया।
किसानों का कहना था कि छुट्टा पशु किसानों के लिए नासूर बन चुके हैं। सरकार बातों से नहीं जमीन पर इसका हल निकाले। क्षेत्र के गहजी, शंभूपुर, बस्ती भुजबल, कोठरा, समदी, इसहाकपुर, सीरपट्टी, केदारपुर, चौबेपट्टी, लेदौरा, बनरपूरा, कठही सहित दर्जन भर गांव के एकत्रित किसानों ने कहना है कि छुट्टा पशु उनकी फसलों के दुश्मन बन गए हैं। किसान रात रात भर जागकर पशुओं से फसल की रखवाली कर रहा है। किसान पशु के एक झुंड को अपने खेतों से निकाल रहा हैं वही दूसरा झूंङ उनके खेत में पहुंच जा रहा है और फसलों को अपना निवाला बना रहा है। क्षेत्र के कई गांव में किसानों ने छुट्टा पशुओं के आतंक से खेती करना ही छोड़ चुके हैं किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर छुट्टा पशुओं से किसानों को निजात नहीं मिलता है तो वह आने वाले विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे। देवी प्रसाद पांडेय ने बताया कि अगर ऐसे ही छुट्टा पशुओं का यही हाल रहा तो किसान दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे। सरकार के दोगुनी आमदनी का दावा खोखला साबित हो रहा है। किसान छुट्टा पशुओं से त्रस्त हैं और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।
हृदय नारायन चौबे ने कहा कि किसान छुट्टा पशुओं से त्रस्त हैं। पशुओं के झुंड फसल बरबाद कर देते हैं। रात-दिन रखवाली के बाद भी पूरी फसल घर तक नहीं पहुंच पा रही है। इससे आर्थिक नुकसान तो सहना ही पड़ रहा है। मानसिक कष्ट भी उठाना पड़ रहा है। वहीं, अरविंद कुमार सिंह, एसडीएम बूढ़नपुर ने कहा कि किसानों को समस्या से निजात दिलाने की कोशिश की जा रही है। किसानों को पशुओं को गोशाला में पहुंचाने में कोई दिक्कत होती है तो किसान मुझसे संपर्क करें या संबंधित खंड विकास अधिकारी से कहें फिर भी समस्या है तो कार्रवाई होगी। गोशाला से पशुओं को छोड़ने की जांच कराई जाएगी।
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किसानों का कहना था कि छुट्टा पशु किसानों के लिए नासूर बन चुके हैं। सरकार बातों से नहीं जमीन पर इसका हल निकाले। क्षेत्र के गहजी, शंभूपुर, बस्ती भुजबल, कोठरा, समदी, इसहाकपुर, सीरपट्टी, केदारपुर, चौबेपट्टी, लेदौरा, बनरपूरा, कठही सहित दर्जन भर गांव के एकत्रित किसानों ने कहना है कि छुट्टा पशु उनकी फसलों के दुश्मन बन गए हैं। किसान रात रात भर जागकर पशुओं से फसल की रखवाली कर रहा है। किसान पशु के एक झुंड को अपने खेतों से निकाल रहा हैं वही दूसरा झूंङ उनके खेत में पहुंच जा रहा है और फसलों को अपना निवाला बना रहा है। क्षेत्र के कई गांव में किसानों ने छुट्टा पशुओं के आतंक से खेती करना ही छोड़ चुके हैं किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर छुट्टा पशुओं से किसानों को निजात नहीं मिलता है तो वह आने वाले विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे। देवी प्रसाद पांडेय ने बताया कि अगर ऐसे ही छुट्टा पशुओं का यही हाल रहा तो किसान दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे। सरकार के दोगुनी आमदनी का दावा खोखला साबित हो रहा है। किसान छुट्टा पशुओं से त्रस्त हैं और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं।
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हृदय नारायन चौबे ने कहा कि किसान छुट्टा पशुओं से त्रस्त हैं। पशुओं के झुंड फसल बरबाद कर देते हैं। रात-दिन रखवाली के बाद भी पूरी फसल घर तक नहीं पहुंच पा रही है। इससे आर्थिक नुकसान तो सहना ही पड़ रहा है। मानसिक कष्ट भी उठाना पड़ रहा है। वहीं, अरविंद कुमार सिंह, एसडीएम बूढ़नपुर ने कहा कि किसानों को समस्या से निजात दिलाने की कोशिश की जा रही है। किसानों को पशुओं को गोशाला में पहुंचाने में कोई दिक्कत होती है तो किसान मुझसे संपर्क करें या संबंधित खंड विकास अधिकारी से कहें फिर भी समस्या है तो कार्रवाई होगी। गोशाला से पशुओं को छोड़ने की जांच कराई जाएगी।
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